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एकेटीयू के छात्रों को शोध कार्यो के लिए मिलेगी कितनी आर्थिक सहायता, पढ़ें खबर...

Sat, 29 Oct 2016 05:12 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sat, 29 Oct 2016 05:12 PM IST
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इनोवेशन योजना चलाएगा। इसके अंतर्गत सूबे के प्रत्येक जिले से 25-25 छात्रों को चयनित कर इनोवेशन और शोध कार्य के लिए प्रतिमाह 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। 

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गुरुवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में आयोजित विवि की 50वीं एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विवि के प्रवक्ता आशीष मिश्रा ने बताया कि जल्द इस योजना के तहत आवेदन व चयन प्रक्रिया की घोषणा होगी।
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उन्होंने बताया कि यह सहायता इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट के उन छात्रों को मिलेगी जो समाज के लिए लाभदायक प्रोजेक्ट का प्रस्ताव देंगे। योजना के लिए गठित कमेटी में संबंधित जिलाधिकारी की भी भूमिका होगी।
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यूपी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन प्रोग्राम के कार्यक्रम निदेशक व आईईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि किसी भी कॉलेज से अधिकतम पांच स्टूडेंट्स को एक बार में चयनित किया जा सकेगा।

‌कोर्सज का होगा रेशनलाइजेशन

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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विवि के स्नातक स्तर पर संचालित विभिन्न कोर्सज का रेशनलाइजेशन भी किया जाएगा। इसका मतलब है कि यदि कोई सब्जेक्ट दो अलग-अलग कोर्सेज में पढ़ाया जाता है तो उनमें ही उसका सिलेबस एक समान होगा। 

आशीष मिश्रा ने बताया कि यदि इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी नाम का कोई पेपर है और वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग सभी में पढ़ाया जाता है तो ऐसी स्थिति में इस पेपर का सिलेबस तीनों ब्रांच में एक समान होगा। 

वर्तमान में सभी विभागों की अपनी बोर्ड ऑफ स्टडीज होती है जो किसी भी पेपर का सिलेबस तय करती है। ऐसे में सभी विभागों में एक ही पेपर होने पर भी उसका सिलेबस अलग-अलग हो जाता है। ऐसे में ब्रांच अलग होने से छात्रों को एक समान विषय में भी अलग-अलग जानकारी मिलती है। इस अंतर को खत्म किया जाएगा।

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