फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   indian business accreditation council will give grade to commerce college

अब कॉमर्स कॉलेजों की अलग से भी होगी ग्रेडिंग

Tue, 22 Nov 2016 02:20 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 22 Nov 2016 02:20 PM IST
विज्ञापन
indian business accreditation council will give grade to commerce college
स्टूडेंट - फोटो : demo pic

जिस तरह से अभी तक देश में विश्वविद्यालय व कॉलेजों की नैक ग्रेडिंग होती है उसी तरह अब इन शिक्षण संस्थानों की कोर्स के तर्ज पर अलग ग्रेडिंग होगी। यह ग्रेडिंग इंडियन बिजनेस एक्रेडिटेशन काउंसिल करेगी। 

विज्ञापन


इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन एक साल के अंदर ही काउंसिल गठन  कर काम शुरू कर देगी। वैसे, यह संस्था एसोसिएशन के अंतर्गत होगी, लेकिन इसे काम करने की स्वायत्तता रहेगी। काउंसिल देश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की ग्रेडिंग, उनके यहां चलने वाले कॉमर्स से जुड़े कोर्सेज के आधार पर करेगी। 
विज्ञापन


लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार से होने वाली 69वीं ऑल इंडिया कॉमर्स कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंचे इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. एमके सिंह और सचिव डॉ. बलविंदर सिंह ने बताया कि योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसमें नैक के एडवाइजर जगन्नाथ पाटिल सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. बलविंदर ने बताया कि किसी संस्थान की नैक ग्रेडिंग होने से उसकी ओवरऑल जानकारी मिलती है। जैसे कि वह किस स्तर का है, लेकिन उसके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि वहां चलने वाले कोर्सेज का अलग-अलग स्तर क्या है।

संभव है कि वहां एक फैकल्टी बहुत अच्छी हो तो दूसरी कमजोर। जब काउंसिल कोर्स के अनुसार ग्रेडिंग करेगी तो छात्र दाखिले से पहले जान सकेंगे कि कॉमर्स की पढ़ाई में कौन सा संस्थान कैसा है। संभव है कि किसी संस्थान को नैक से ‘बी’ ग्रेड मिले, लेकिन कोर्स के अनुसार वह ‘ए’ ग्रेड में आ जाए। इसी तरह, उल्टा भी हो सकता है। 

दूर होगी कॉमर्स व प्रबंधन के अच्छे शिक्षकों की कमी

indian business accreditation council will give grade to commerce college
इंडियन कॉलेज के स्टूडेंट्स

उन्होंने बताया कि विदेशी संस्थान भी कई बार कोर्स का एक्रेडिटेशन मांगते हैं। काउंसिल के काम शुरू करने के कुछ समय बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से वार्ता कर नैक की तरह इसकी ग्रेडिंग को भी मान्यता देने के लिए कहा जाएगा।

इसके अलावा, एसोसिएशन भारत में छपने वाले कॉमर्स के विभिन्न जर्नल की रैंकिंग भी कराएगा जिसके लिए कमेटी बना दी गई है। कॉमर्स और प्रबंधन के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने केलिए एसोसिएशन ग्रेटर नोएडा में ‘द आईसीए हाउस’ बनवा रहा है।

छह करोड़ के इस भवन का काम तीन वर्ष में पूरा होगा। इसके शुरू होने से देश भर में इस क्षेत्र के अच्छे शिक्षकों की कमी दूर होगी। एसोसिएशन ने उड़ीसा में एंटरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट सेंटर के निर्माण की तैयारी भी कर ली है और अब इंडियन साइंस एकेडमी के तर्ज पर इंडियन कॉमर्स एकेडमी स्थापित करने की योजना है। इसके लिए कमेटी का गठन किया जा चुका है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे लोग कॉमर्स के क्षेत्र में शोध करने के लिए शोधार्थियों को फंडिंग करने की योजना भी बना रहे हैं। इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है। एसोसिएशन की कार्यपरिषद की बैठक में इसकी स्वीकृति मिलते ही योजना लागू कर दी जाएगी। योजना का उद्देश्य कॉमर्स के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed