एलयू में पीजी एडमिशन व काउंसलिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
लखनऊ विश्वविद्यालय में पीजी के 70 से अधिक कोर्सेज की मेरिट लिस्ट 12 से 14 जुलाई के बीच जारी की जाएंगी। विभिन्न कोर्सेज की काउंसलिंग प्रक्रिया 20 से 30 जुलाई के बीच होना संभावित है।
शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया पर मंथन के लिए एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई। कुलपति प्रो. एसबी निमसे की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि पीजी की पूरी काउंसलिंग ऑफ कैंपस, ऑनलाइन मोड पर होगी यानी काउंसलिंग होगी तो विवि परिसर में, लेकिन ऑनलाइन।
जिन कोर्सेज की काउंसलिंग 20 जुलाई से प्रस्तावित है उनमें एमए, एमकॉम, एमएससी, एलएलबी, एलएलएम, आचार्य, बैचलर व मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस शामिल हैं। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा सहित जिन कोर्सेज के अभी आवेदन चल रहे हैं, उनकी काउंसलिंग बाद में होगी।
बैठक में काउंसलिंग की तिथियों का संभावित शिड्यूल भी रखा गया, लेकिन कुछ विभागाध्यक्षों ने इसमें संशोधन की मांगी कर दी। अब 11 जुलाई को विभागाध्यक्षों साथ एक और बैठक होगी, जिसके बाद अंतिम शिड्यूल जारी होगा।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ विभागाध्यक्षों ने पीजी की प्रवेश प्रक्रिया स्नातक की तरह केंद्रीकृत कराने को कहा। उनका तर्क था कि ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए विभागों के पास संसाधनों और प्रशिक्षण की कमी है, लेकिन कुलपति ने इस पर सहमति नहीं दी।
कुलपति ने कहा कि 11 जुलाई की बैठक में सभी विभागाध्यक्ष अपनी आवश्यकता और समस्याएं बताएंगे, जिनका निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा 18 जुलाई को केमेस्ट्री विभाग में काउंसलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
काउंसलिंग के करने होंगे दो चरण पूरे
इसके लिए सभी विभागों से एक-एक शिक्षक और तृतीय श्रेणी कर्मचारी का नाम मांगा गया है। इन्हें ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
सभी अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान दो चरण पूरे करने होंगे। पहले वे संबंधित विभाग में रिपोर्ट करेंगे, जहां उनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और सब्जेक्ट अलॉटमेंट होगा।
दूसरे चरण में वह अपना कैटेगरी वेरिफिकेशन कराने के साथ फीस जमा करने और बायोमेट्रिक पंजीकरण कराएंगे। इसके बाद उन्हें अलॉटमेंट लेटर जारी होगा। दूसरे चरण की पूरी प्रक्रिया स्नातक की तरह केंद्रीकृत होगी।
इनके लिए एमबीए और न्यू कॉमर्स में काउंसलिंग सेंटर बनाया जाना संभावित है। स्नातक की तरह ही पीजी दाखिलों में भी नकद के अलावा डेबिट व क्रेडिट कार्ड से फीस जमा का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
विवि एमआईएच, सोशल वर्क, स्टैटिस्टिक्स, एप्लाइड इकोनॉमिक्स, कॉमर्स सहित कुछ अन्य ऐसे कोर्स भी हैं जिनमें रेग्युलर और सेल्फ फाइनेंस दोनों की सीटें उपलब्ध हैं।
ऐसे कोर्सेज में दोनों प्रकार की सीटों के लिए काउंसलिंग अलग-अलग दिन होगी। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि जहां 60 सीटों तक प्रवेश होने वहां एक दिन और उससे अधिक होने पर दो दिन काउंसलिंग प्रक्रिया की जाए, लेकिन कुछ विभागों ने इससे अधिक दिन का समय भी मांगा है।