विदेशी लखनऊ से हुए इतने इंप्रेस यहां, आकर किया ग्रेजुएशन
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इंडिया घूमने की बहुत इच्छा थी। जब ग्रेजुएशन में प्रवेश लेने का अवसर आया तो इंटरनेट पर काफी सर्च किया। उसमें देखा कि लखनऊ यूनिवर्सिटी काफी पुरानी है।
लखनऊ के बारे में पढ़ा तो यहां की संस्कृति, खान-पान के बारे में पता चला। इन्हीं चीजों से आकर्षित होकर यहां बीकॉम में प्रवेश लिया।
इन तीन साल का अनुभव काफी अच्छा रहा। श्रीलंका से आए निपुन डी सिल्वा ने कुछ इसी तरह अपने अनुभव साझा किए। मौका था विश्वविद्यालय में आयोजित विदेशी छात्रों की ग्रेजुएशन डे सेरेमनी का।
इसमें विदेश से पढ़ने आए 12 स्टूडेंट्स को उनकी डिग्री, ट्रांसक्रिप्ट, माइग्रेशन सहित अन्य सभी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराए गए। स्टूडेंट्स ने समारोह में अपने अनुभव भी बांटे।
विदेशी छात्रों को दी जा रही है बेहतर सुविधाएं
केन्या से आए मुतिसो जोसेफ ने कहा कि तीसरे साल में उन्हें न्यू कैंपस के हॉस्टल से कैसरबाग स्थित बलरामपुर छात्रावास में लाया गया जो कि काफी बेहतर है।
लखनऊ के हेरिटेज एरिया में होने की वजह से उन सभी को वहां काफी अच्छा लगा। समारोह में कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने स्टूडेंट्स को कहा कि एलयू में विदेशी छात्रों के लिए और भी बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास जारी है।
प्रति कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी, इंटरनेशनल स्टूडेंट एडवाइजर प्रो. निशि पांडेय, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके शर्मा, कुलसचिव डॉ. एके मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर जेसिका, फ्लोरिंडो, हवाई की शीरीन, श्रीलंका की थिलकरत्ना, पवित्र समरसिंघा, निपुना डी सिल्वा, नेपाल की अनामिका, मोजम्बीक के एनोक यायरा, अफ्रीका के जैकब, केन्या के मेबेथा, लियोनार्ड, जोसफ को डिग्री दी गई। इनमें से शीरीन, थिलकरत्ना और समरसिंघा ने हिंदी व संस्कृत का विषय लेकर स्नातक की डिग्री प्राप्त की।