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मेडिकल स्टूडेंट्स की फीस से जुड़ी अहम खबर

Fri, 23 Sep 2016 03:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 23 Sep 2016 03:16 PM IST
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 fee of medical college in Uttar Pradesh.

प्राइवेट मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में पढ़ाई के लिए अब युवाओं को ज्यादा फीस देनी होगी। एमबीबीएस में दाखिला लेने वालों को अब हर साल 11.30 लाख रुपये फीस देना होगा।

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वहीं, डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए सालाना 3.25 लाख रुपये देने होंगे। सरकार ने फिलहाल एमबीबीएस व बीडीएस की अंतरिम फीस तय की है। तीन माह में फीस कमेटी मेडिकल कॉलेजों की सुनवाई कर अलग-अलग फीस तय करेगी। इसमें जो भी अंतर आएगा उसे बाद में एडजस्ट किया जाएगा।
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दरअसल, हाईकोर्ट ने सरकार के उस निर्णय को खारिज कर दिया था जिसके तहत निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की आधी सीटों को सरकार 36 हजार रुपये सालाना फीस में भरने जा रही थी।
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शेष बची सीटों की फीस सरकार ने 17.64 लाख से लेकर 21.32 लाख रुपये सालाना तय की थी। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के अलग-अलग फीस के निर्णय को रद्द कर दिया था। साथ ही नए सिरे से काउंसलिंग के निर्देश दिए थे।

मंत्री बदलते ही बदल गईं स्थितियां

 fee of medical college in Uttar Pradesh.

इस बीच चिकित्सा शिक्षा विभाग शिवपाल सिंह यादव को दे दिया गया। मंत्री बदलते ही स्थितियां भी बदल गईं। वहीं, निजी मेडिकल कॉलेज अपनी फीस बढ़वाने में भी सफल हो गए।

अब सरकार ने एमबीबीएस की सभी सीटों की एक समान फीस 11.30 लाख रुपये और डेंटल कॉलेजों की फीस 3.25 लाख रुपये सालाना कर दी है।

सरकार ने नहीं की अपील
प्रदेश सरकार ने दो सितंबर को ही प्राइवेट मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की आधी सीटों को 36 हजार रुपये सालाना फीस पर भरने का निर्णय लिया था। इस प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन हरी झंडी दी गई थी। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने सरकार के इस निर्णय को खारिज कर दिया था।

ऐसी उम्मीद थी कि सरकार इस निर्णय के खिलाफ अपील करेगी। लेकिन इसी बीच विभाग के मंत्री बदल गए। मंत्री बदलने के बाद विभाग के अधिकारियों ने भी सुर बदल गए और अपील के बजाय विभाग ने निजी कॉलेजों की फीस बढ़ाने का निर्णय ले लिया।

हाईकोर्ट ने एक ही कॉलेज में दो फीस स्ट्रक्चर पर उठाए सवाल

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इस पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनूप चंद्र पांडेय का कहना है कि हाईकोर्ट ने निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में 36 हजार रुपये सालाना सरकारी फीस में पढ़ाई कराने के निर्णय को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि एक ही मेडिकल कॉलेज में दो फीस स्ट्रक्चर नहीं हो सकता।

निजी कॉलेजों की शुक्रवार से काउंसलिंग शुरू हो रही है। ऐसे में फीस कमेटी सभी मेडिकल कॉलेजों की सुनवाई कर फीस नहीं तय कर सकती थी।

इसलिए सरकार ने अंतरिम फीस तय कर दी है। तीन माह में कॉलेजों की सुनवाई कर फीस तय की जाएगी। इसके बाद जो फीस तय होगी उसे समायोजित किया जाएगा।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेज-22
प्राइवेट डेंटल कॉलेज-23

एमबीबीएस की सीटें-3100
बीडीएस की सीटें-2300

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