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घर-घर जाएगा शिक्षा विभाग, बाल श्रमिक जाएंगे स्कूल

Tue, 02 Aug 2016 05:33 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 02 Aug 2016 05:33 PM IST
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education department helps child labourer
डेमो

बेसिक शिक्षा विभाग राजधानी के विभिन्न इलाकों में काम कर रहे बाल श्रमिकों को स्कूल पहुंचाएगा। श्रम विभाग ने यूनिसेफ के सहयोग से राजधानी के विभिन्न इलाकों में दो हजार से ज्यादा बाल श्रमिक चिह्नित किए हैं। 

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बेसिक शिक्षा विभाग ने श्रम विभाग से यह सूची लेकर बच्चों को स्कूल पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। अगले महीने से शुरू हो रहे हाउस होल्ड सर्वे के दौरान शिक्षक इन बच्चों के दाखिले पर विशेष ध्यान देंगे।
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इस संबंध में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक महेंद्र सिंह राणा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को  निर्देश जारी कर दिए हैं।मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि अगले महीने से जनपद में हाउस होल्ड सर्वे की शुरुआत हागी। इस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर स्कूल जाने योग्य बच्चों का ब्योरा जुटाएंगे।
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श्रम विभाग और यूनिसेफ ने सर्वे के माध्यम से पता लगाया है कि राजधानी में इस समय दो हजार से ज्यादा बाल श्रमिक विभिन्न कार्यों में लगे हुए हैं। सर्वे में ये बच्चे न छूट जाएं, इसलिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को यह निर्देश दिया गया है कि इन बच्चों का नामांकन भी सुनिश्चित किया जाए।

मलिहाबाद तहसील- वार्ड संख्या-8, रनीपारा, अहमदाबाद,
बीकेटी तहसील- पारा, खोमऊ, सरांवां, फर्रुखाबाद 
लखनऊ सदर- वार्ड नंबर-34, दरबारनगर, काकोरी, सराय अलीपुर, रसूलपुर इदौरिया, बिरहऊ, काकराबाद, अमांवा
मोहनलालगंज तहसील- अमेठी वार्ड-8, अचिलखेड़ा, नदौली, अमेठी वार्ड-11, कनेरी

दो हजार से ज्यादा विभिन्न कार्यों में बाल श्रमिक

education department helps child labourer
डेमो - फोटो : amar ujala

श्रम विभाग और यूनिसेफ की टीमों ने अपने सर्वे के दौरान राजधानी में कुल 352 अड्डे चिह्नित किए हैं, जहां बाल श्रमिक हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 20 से कम वाले 77, 21 से 50 की संख्या वाले 16 और 51 से 100 की संख्या वाले तीन इलाकों में बाल श्रमिक हैं। 

इसी तरह शहरी क्षेत्र में 20 से कम वाले 124, 21 से 50 की संख्या वाले 90 और 51 से 100 की संख्या वाले 43 क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। पिछले साल तक श्रम विभाग बाल श्रमिकों के लिए विशेष स्कूल संचालित करता था।

ये स्कूल स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से चलते थे। इनके संचालन के लिए श्रम विभाग आर्थिक सहायता देता था। पिछले साल इन स्कूलों में पढ़ने वाले करीब दो हजार बच्चों का दाखिला परिषदीय स्कूलों में कराया गया था। 

प्राथमिक विद्यालय लाजपतनगर में इस मौके पर एक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। इसके बाद यह स्कीम बंद हो गई थी। ऐसे में इस साल बाल श्रमिकों के दाखिले की जिम्मेदारी इस साल शिक्षा विभाग ने संभाली है।

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