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अभिभावकों और परीक्षार्थियों की मांग पर बदला यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा का कार्यक्रम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 06 Dec 2018 07:32 PM IST
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
- फोटो : amar ujala
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा-2019 के कार्यक्रम में बदलाव कर दिया है। इंटर में गणित और नागरिक शास्त्र विषय की परीक्षा की तारीख बदली गई है।
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14 फरवरी को होने वाली गृह विज्ञान, बहीखाता तथा लेखाशास्त्र, कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय पत्र, कृषि अर्थशास्त्र सप्तम प्रश्न पत्र और व्यवसायिक वर्ग के सभी विषयों के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा के समय को बदला गया है। हाई स्कूल और इंटर परीक्षा में सुबह होने वाली सभी परीक्षाएं अब सुबह 7.30 से 10.45 बजे की जगह सुबह 8 बजे से 11.15 बजे होगी।
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए पूर्व में घोषित कार्यक्रम के बाद परीक्षार्थियों और जनप्रतिनिधियों ने कुछ विषयों के परीक्षा कार्यक्रम में परिवर्तन की मांग की थी। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों की समस्या को देखते हुए दो मुख्य विषयों की परीक्षा तारीखों में एक दिन का अंतराल दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि 14 जनवरी को हाई स्कूल बोर्ड में अंग्रेजी और इंटरमीडिएट में गृह विज्ञान की परीक्षा एक साथ होने के कारण केंद्रों में क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों की समस्या सामने आई। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने इसके समाधान के लिए इंटरमीडिएट के कुछ विषयों की परीक्षा का समय बदलने का सुझाव स्वीकार कर इंटर में कुछ विषयों की 14 फरवरी को दूसरी पाली की परीक्षा को अब उसी दिन पहली पाली में कराया जाएगा।
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9 लाख परीक्षार्थी कम
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में नकल पर अंकुश लगाने के लिए की गई सख्ती के बाद वर्ष 2019 में 9,15,846 परीक्षार्थी कम हुए हैं। उन्होंने बताया कि हाई स्कूल में 31,95,603 और इंटरमीडिएट में 26,11,319 परीक्षार्थियों समेत कुल 58,06,922 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। जबकि बोर्ड परीक्षा 2018 में हाई स्कूल परीक्षा में 37,05,536 और इंटरमीडिएट परीक्षा में 30,17,232 परीक्षार्थी (67,22,768) परीक्षार्थी पंजीकृत थे।
12 लाख परीक्षार्थियों ने छोड़ी थी परीक्षा
डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षा-2018 में नकल माफिया पर सख्ती और केंद्रों पर सख्त पहरे के कारण 12,25,932 परीक्षार्थियों ने बीच में ही परीक्षा छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि नकल के भरोसे परीक्षा देने की सोच रहे हाईस्कूल बोर्ड में 7,15,040 और इंटरमीडिएट परीक्षा 5,10,892 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी।