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69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती: याचिकाओं के निस्तारण तक जारी रहेगी यथास्थिति, कल फिर सुनवाई

Tue, 29 Jan 2019 02:09 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 29 Jan 2019 02:09 PM IST
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decision on 69 thousand teachers recruitment in primary school.

यूपी में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने याचिकाओं के निस्तारण तक यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी यानी कल (बृहस्पतिवार) होगी।

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मामले पर प्रदेश सरकार ने भी अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अपना पक्ष रखा और क्वालिफाइंग मॉर्क्स तय करने के फैसले को सही ठहराने की कोशिश की। इस पर कोर्ट ने याचिकाओं के निस्तारण तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।
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उम्मीद की जा रही थी कि बुधवार को कोर्ट भर्ती के लिखित परीक्षा परिणाम जारी करने पर कोई फैसला सुना सकती है, पर ऐसा नहीं हो सका।

दरअसल, न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष सैकड़ों शिक्षा मित्रों की तरफ से दायर बड़ी संख्या में याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। छह जनवरी को हुई परीक्षा का परिणाम 22 जनवरी को आना था पर कोर्ट के आदेश की वजह से जारी नहीं हो सका। इन याचिकाओं में शिक्षक भर्ती परीक्षा में कटऑफ पिछली परीक्षा से अधिक रखे जाने को चुनौती दी गई है।

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कटऑफ अंको को लेकर ये है विवाद

याचियों की तरफ से दलील दी गई कि पिछली शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनारक्षित व आरक्षित वर्गों के लिए अहर्ता अंकों का कटऑफ क्रमश: 45 व 40 फीसदी था। यह इस परीक्षा में क्रमश: 65 व 60 फीसदी रखा गया है।

याचियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना था कि कटऑफ को इतना बढ़ाया जाना उचित नहीं है क्योंकि इसका सीधा असर परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षामित्रों पर पड़ेगा।

राज्य सरकार का तर्क, कटऑफ संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार

उधर, राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा का कहना था कि प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षक मिलें, इस लिहाज से ही इस बार कटऑफ निर्धारित किया गया है जो संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार है।

इसके अलावा अन्य पक्षकारों के वकीलों ने भी अपनी दलीलें पेश कीं। इनमें पूर्व पक्षकारों की तरफ से जवाबी हलफनामे भी पेश किए गए।

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