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अब स्वच्छता रखने के लिए भी विश्वविद्यालय देंगे क्रेडिट

Wed, 02 Nov 2016 11:23 AM IST
शैलेश अरोड़ा/अमर उजाला, लखनऊ
शैलेश अरोड़ा/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 02 Nov 2016 11:23 AM IST
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अब स्वच्छता पर भी विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को क्रेडिट दिए जाएंगे। इस व्यवस्था के पीछे अहम उद्देश्य स्वच्छ भारत अभियान में तेजी लाने के साथ ही छात्र-छात्राओं को अपनी जिम्मेदारी के प्रति एहसास कराना है।

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षण संस्थानों को पत्र भेजकर अपने कॅरिकुलम में इस बाबत आवश्यक संशोधन करने का सुझाव दिया है। वहीं, राज्यपाल राम नाईक ने भी सूबे के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश देने के साथ अपने यहां 1 से 15 नवंबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाने को कहा है।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी सुझावों की सूची में कहा गया है कि शिक्षण संस्थान प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट के आधार पर छात्रों को क्रेडिट देने की व्यवस्था लागू करें। प्रैक्टिकल के तहत छात्रों को बायोडिग्रेडेबल और ड्राई वेस्ट को रिसाइकिल व रीयूज करना होगा। इस काम को जो छात्र जितना बेहतर करेंगे उनको उतना अधिक क्रेडिट मिलेगा।
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ऐसा करने से शिक्षण संस्थानों के परिसर में स्वच्छता अभियान को बढ़ावा भी मिलेगा। हालांकि, विवि इसे अपने कॅरिकुलम में किस तरह शामिल करते हैं यह उन पर निर्भर करेगा।

दिया सुझाव, यह कर सकते हैं विश्वविद्यालय

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सूबे के विश्वविद्यालयों में 1 से 15 नवंबर तक मनाए जाने वाले स्वच्छता पखवाड़ा में क्या-क्या गतिविधियां हो सकती हैं इसको लेकर सुझावों वाली एक सूची भी उन्हें उपलब्ध कराई गई है।

इसमें कहा गया है कि संस्थानों के प्रमुख मसलन कुलपति, अध्यक्ष, निदेशक  स्वच्छता के महत्व पर चर्चा, छात्रों व कर्मचारियों को जागरूक करने, उनको स्वच्छता बनाए रखने के लिए संकल्प दिलाएंगे।

इसके साथ ही संगोष्ठियों, निबंध व पेंटिंग प्रतियोगिता, संस्थान के कबाड़ को डिस्पोज करने, जैसे गतिविधियां भी विश्वविद्यालय करा सकते हैं।

इस संबंध में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने बताया कि पीजी स्तर पर एनवायरमेंटल साइंस व रिन्यूएबल एनर्जी के कोर्सेज में जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि किन-किन कोर्सेज में इसे शामिल कर सकते हैं। वहीं, स्नातक स्तर पर इसे राष्ट्र गौरव के साथ जोड़ सकते हैं, ताकि सभी छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।

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