एलयू: 4 नवंबर से शुरू होंगी चाइनीज भाषा की कक्षाएं, ये होगी फीस
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लखनऊ विश्वविद्यालय में चाइनीज भाषा के एक साल के डिप्लोमा कोर्स की कक्षाएं सोमवार से शुरू होंगी। बृहस्पतिवार को विवि प्रशासन ने इसके लिए एक विशेषज्ञ की तैनाती करते हुए संस्कृत विभाग में ही कक्षाएं शुरू कराने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय व कॉलेजों में पढ़ने वाले स्नातक व परास्नातक के विद्यार्थी इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराकर कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं।
विवि में प्रोफिशिएंसी डिप्लोमा कोर्स के तहत संस्कृत, चाइनीज, फ्रेंच, पालि, रशियन आदि भाषाओं की पढ़ाई कराई जाती है। ताकि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ एक अतिरिक्त भाषा का ज्ञान प्राप्त कर सकें जो उनके कॅरिअर के लिहाज से भी लाभकारी होगी। पर्यटन को बढ़ाया देने के साथ द्विभाषियों के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के नियमों के अनुसार विवि में पढ़ने वाले यूजी-पीजी के विद्यार्थी मात्र 500 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं जबकि संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों को इसके लिए 500 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क और 3500 रुपये सालाना शुल्क देना होगा। जबकि कारपोरेट, डिफेंस, राजकीय कर्मचारियों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 500 व 9500 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है।
सुबह 8 से 10 के बीच आयोजित की जाएंगी कक्षाएं
प्रति कुलपति प्रो. राजकुमार सिंह ने बताया कि पहले से लगभग एक दर्जन विद्यार्थियों ने इसमें प्रवेश ले रखा है, जिनके साथ कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए विशेषज्ञ के रूप में अमित चिश्ती की तैनाती की गई है। जिन्होंने चाइना से पढ़ाई की है। फिलहाल सुबह 8 से 10 के बीच कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
आगे विद्यार्थियों की सुविधा के अनुसार समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की कि वे एक अतिरिक्त भाषा के रूप में इसकी पढ़ाई कर सकते हैं। इसके लिए जल्द सभी विभागों को पत्र भेजा जाएगा। प्रो. सिंह ने बताया कि पूर्व में यूजीसी की ओर से भी इससे संबंधित प्रस्ताव मांगा गया था।
यूजीसी को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, जिसमें पद आदि की मांग की गई है। अगर वहां से सहमति मिलती है तो इसके और व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।