सीआईएससीई की बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल से, पूर्ण कक्षाएं चलाने की मांगी अनुमति
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कोरोना के चलते गत मार्च में होली के बाद से विद्यालय बंद हो गए। इसके बाद स्कूलों ने ऑनलाइन और टीवी के माध्यम से पढ़ाई शुरू की। अक्तूबर में स्कूलों को आंशिक रूप से खोला गया। इसमें कक्षा 9 से 12 तक की क्लास महज तीन घंटे चलाई जा रही है। यह नाकाफी है।
इसलिए सचिव ने सभी राज्य सरकारों से कक्षा 10 और 12 की कक्षाएं चार जनवरी से पूर्ण रूप से चलाने की मांग की है, ताकि बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराई जा सके। राज्य सरकारों को सचिव द्वारा लिखे पत्र के अनुसार बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों की अंतिम तैयारी कराई जानी है।
चुनावों के बारे में मांगी जानकारी
उन्होंने केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर इन दोनों महीने में होने वाले चुनावों के बारे में जानकारी मांगी है, ताकि बोर्ड परीक्षा की समय सारिणी तैयार की जा सके। गौरतलब है कि सीआईएससीई की मुख्य परीक्षाएं फरवरी में ही प्रारंभ हो जाती हैं, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से दो महीने बाद प्रस्तावित हैं।
15 अप्रैल के बाद परीक्षा का दिया था प्रस्ताव
अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि काउंसिल को हमने 15 अप्रैल के बाद बोर्ड परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव दिया था। कोरोना के चलते स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होने से यह प्रस्ताव दिया था। उम्मीद है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होगी।
उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा के लिए करीब 40 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना बाकी है। जनवरी और फरवरी में पहली व दूसरी प्री बोर्ड परीक्षा कराने का प्रस्ताव है। इसे ऑफलाइन कराए जाने की मांग है। जल्द ही प्री बोर्ड परीक्षाएं पूर्ण रूप से कैंपस में कराए जाने और जूनियर कक्षाओं को भी खोले जाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को देंगे।