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लखनऊ यूनिवर्सिटी में नए सिरे से तय होंगी एमफिल की सीटें

Tue, 04 Sep 2018 11:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 04 Sep 2018 11:40 AM IST
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Changes in the allotment of M.Phil seats in lucknow university
डेमो - फोटो : amar ujala
शासन की ओर से यूजीसी के पीएचडी अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय को एमफिल के दाखिले के लिए नए सिरे से सीट संख्या तय करनी होगी। अभी तक लविवि में एमफिल की सीटें सभी विभागों में एक समान हुआ करती थीं।
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मगर नए अध्यादेश में सीटों की संख्या शिक्षक संख्या के हिसाब से तय करनी होगी, इसलिए इस साल पहली बार लविवि को पीएचडी के साथ ही एमफिल की सीटों की संख्या में बदलाव करना होगा।
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उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों को पीएचडी अध्यादेश-2016 के हिसाब से दाखिले करने का शासनादेश जारी किया है।

लखनऊ विश्वविद्यालय का ऑर्डिनेंस पास न होने की वजह से पिछले दो सत्र से दाखिले नहीं हो सके हैं। यूजीसी अध्यादेश को लागू करने संबंधी शासनादेश के बाद अब विवि में नये सिरे से बैठक करके नियम तय किए जाने हैं। इन नियमों में एमफिल की सीट संख्या भी तय करनी होगी। अध्यादेश के अनुसार अब पीएचडी के साथ ही शिक्षक के लिए निर्धारित अधिकतम शोधार्थियों की संख्या में एमफिल के विद्यार्थी भी जोड़े जाएंगे।
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लविवि में आठ विभागों में है एमफिल

Changes in the allotment of M.Phil seats in lucknow university
यूजीसी ने एक शिक्षक के दिशा-निर्देशन में शोधार्थियों की अधिकतम संख्या तय करने में एमफिल पाठ्यक्रम को भी शामिल किया है। इसके तहत नई गाइडलाइन के अनुसार एक प्रोफेसर एक समय में तीन एमफिल और आठ पीएचडी शोधार्थियों का गाइड बन सकता है। इसी तरह एसोसिएट प्रोफेसर एक समय में दो एमफिल और छह पीएचडी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर चार पीएचडी और एक एमफिल अभ्यर्थी का ही गाइड बन सकता है।

लविवि में इस समय सिर्फ कला संकाय के आठ विभाग में ही एमफिल पाठ्यक्रम का संचालन होता है। इन विभागों में हिंदी, अंग्रेजी, लोक प्रशासन, शारीरिक शिक्षा, एआईएच, समाजकार्य, दर्शनशास्त्र और समाजशास्त्र विभाग शामिल हैं। इनमें से सिर्फ हिंदी में चलने वाला एमफिल पाठ्यक्रम रेग्यूलर है। बाकी सभी पाठ्यक्रम वित्तविहीन हैं। इसलिए इनमें निर्धारित सीट संख्या के मुकाबले 40 फीसदी से कम दाखिले होने पर पाठ्यक्रम का संचालन नहीं किया जाता है।

कुलपति संग बैठक के बाद होगा तय
पीएचडी अध्यादेश पर विवि स्तर के नियम बनाने के लिए कुलपति की अध्यक्षता में बैठक होनी है। इसके बाद पीएचडी के साथ ही एमफिल की सीट संख्या भी नये सिरे से तय की जाएगी। - प्रो. अनिल मिश्रा, प्रवेश समन्वयक, लविवि
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