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लखनऊ यूनिवर्सिटी की सेंट्रल मेस बंद, बार-बार हंगामे के बाद लिया यह निर्णय
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 21 Sep 2017 05:30 PM IST
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लविवि प्रशासन ने बार-बार हंगामे और उपद्रव की घटनाओं से तंग आकर बुधवार को सेंट्रल मेस बंद करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह ने सेंट्रल मेस में हंगामा, उपद्रव और बवाल के आरोप में 18 छात्रों के खिलाफ हसनगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में जिन आरोपियों के नाम हैं वह पूर्व में हुई सभी घटनाओं में शामिल रहे हैं। वहीं, विद्यार्थियों का आरोप है कि विवि प्रशासन ने दुर्भावना से ग्रसित होकर उनके नाम डाले हैं, जबकि वे लोग मौके पर नहीं थे।
राज्यपाल राम नाईक ने 14 अगस्त को विश्वविद्यालय की सेंट्रल मेस का उद्घाटन किया था। इसके अगले दिन से मेस विधिवत शुरू हो गई थी।
इसके बाद से आए दिन यहां हंगामा होने लगा। पहली बड़ी घटना 31 अगस्त को हुई थी। जब कुछ उपद्रवियों ने मेस में लगी बायोमीट्रिक मशीन तोड़ दी। इसके बाद मेस संचालक ने खाना बनाने से इंकार कर दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद जब मेस संचालक भोजन बनाने के लिए तैयार हुआ तो दो दिन बाद फिर हंगामा हो गया। तीन सितंबर को कुछ उपद्रवी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) तक उठा ले गए।
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रिपोर्ट में जिन आरोपियों के नाम हैं वह पूर्व में हुई सभी घटनाओं में शामिल रहे हैं। वहीं, विद्यार्थियों का आरोप है कि विवि प्रशासन ने दुर्भावना से ग्रसित होकर उनके नाम डाले हैं, जबकि वे लोग मौके पर नहीं थे।
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राज्यपाल राम नाईक ने 14 अगस्त को विश्वविद्यालय की सेंट्रल मेस का उद्घाटन किया था। इसके अगले दिन से मेस विधिवत शुरू हो गई थी।
इसके बाद से आए दिन यहां हंगामा होने लगा। पहली बड़ी घटना 31 अगस्त को हुई थी। जब कुछ उपद्रवियों ने मेस में लगी बायोमीट्रिक मशीन तोड़ दी। इसके बाद मेस संचालक ने खाना बनाने से इंकार कर दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद जब मेस संचालक भोजन बनाने के लिए तैयार हुआ तो दो दिन बाद फिर हंगामा हो गया। तीन सितंबर को कुछ उपद्रवी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) तक उठा ले गए।
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खाने की गुणवत्ता को लेकर हुआ बवाल
लखनऊ यूनिवर्सिटी
- फोटो : demo pic
इसके बाद छात्रों ने कुलपति आवास केे सामने रोड भी जाम की थी। इस बार भी समझाने बुझाने पर मेस संचालक ने खाना बनाना स्वीकार किया था। तीसरी बार 11 सितंबर की रात को उपद्रवियों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और भोजन न मिलने से स्टूडेंट आक्रोशित हो गए। बार-बार के हंगामे से परेशान मेस संचालक ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से खाना खिलाने से इंकार कर दिया।
इस पर विवि प्रशासन ने बाउंसर तैनात किए लेकिन यह व्यवस्था भी नहीं चल सकी। इसकेे बाद 17 और 19 सितंबर को भी मेस में खाना कम पड़ने और खाने की गुणवत्ता को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस पर वीसी प्रो.एसपी सिंह की अध्यक्षता मेें बुधवार को हुई बैठक में सेंट्रल मेस को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया गया। अगले आदेश तक स्टूडेंट्स को अपने भोजन की व्यवस्था खुद करनी होगी।
सेंट्रल मेस में आए दिन हंगामा और तोड़फोड़ होने से जानमाल की क्षति की आशंका है। मेस संचालक भी भोजन बनाने से इंकार कर रहा है। ऐसे में मेस तत्काल प्रभाव से बंद की जा रही है। कुछ व्यवस्था होने पर ही खोला जाएगा। -प्रो.राजकुमार सिंह, कुलसचिव लविवि
इस पर विवि प्रशासन ने बाउंसर तैनात किए लेकिन यह व्यवस्था भी नहीं चल सकी। इसकेे बाद 17 और 19 सितंबर को भी मेस में खाना कम पड़ने और खाने की गुणवत्ता को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस पर वीसी प्रो.एसपी सिंह की अध्यक्षता मेें बुधवार को हुई बैठक में सेंट्रल मेस को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया गया। अगले आदेश तक स्टूडेंट्स को अपने भोजन की व्यवस्था खुद करनी होगी।
सेंट्रल मेस में आए दिन हंगामा और तोड़फोड़ होने से जानमाल की क्षति की आशंका है। मेस संचालक भी भोजन बनाने से इंकार कर रहा है। ऐसे में मेस तत्काल प्रभाव से बंद की जा रही है। कुछ व्यवस्था होने पर ही खोला जाएगा। -प्रो.राजकुमार सिंह, कुलसचिव लविवि