फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   virtual classroom in LU are locked since 5 years

LU का हालः स्मार्ट की तैयारी, वर्चुअल क्लासरूम पर पांच साल से ताला

Mon, 20 Nov 2017 05:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 20 Nov 2017 05:01 PM IST
विज्ञापन
virtual classroom in LU are locked since 5 years
लखनऊ विश्वविद्यालय

लखनऊ विश्वविद्यालय उच्चतर शिक्षा अभियान से मिली आर्थिक सहायता से 40 स्मार्ट क्लासरूम तैयार करने जा रहा है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर चुका है। यह अच्छी कोशिश है। 

विज्ञापन


पर, दूसरी तरफ 1.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार वर्चुअल क्लासरूम में पिछले पांच साल से ताला लगा हुआ है। इस वर्चुअल क्लासरूम से विद्यार्थियों को देश-विदेश के विद्वानों की कक्षाओं का लाभ मिल सकता है। यही नहीं रिकॉर्डेड लेक्चर को बार-बार सुना व देखा जा सकता है। 
विज्ञापन


राज्य सरकार ने वर्चुअल क्लासरूम की स्थापना के लिए लविवि को 1.67 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। वर्ष 2012 में इसका उद्घाटन हुआ था। दावा था कि उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने लगेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एक महीने के बाद पांच साल बीत गए लेकिन अभी तक इसकी शुुरुआत ही नहीं हुई है। विवि के एकेडमिक स्टाफ कॉलेज में यह क्लासरूम स्थापित है। स्टूडेंट्स को विशेषज्ञों के लेक्चर का लाभ देने के लिए इस क्लास रूम की स्थापना की गई थी।  

लॉग इन आईडी और पासवर्ड तक नहीं हुए जारी

virtual classroom in LU are locked since 5 years

वर्चुअल क्लासरूम से जुड़ने के लिए शिक्षकों और स्टूडेंट को सबसे पहले खुद का रजिस्ट्रेशन कराना था। रजिस्ट्रेशन के बाद स्टूडेंट और टीचर्स को लॉग इन आईडी और पासवर्ड दिए जाने थे। लॉग इन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके वर्चुअल क्लासरूम का उपयोग किया जा सकता है। 

उद्घाटन के बाद रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हुई, लेकिन इस पर किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिली। नतीजा यह हुआ कि पंजीकरण होने भी बंद हो गए। नए कुलपति प्रो.एसपी सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद इसमें थोड़ी रुचि दिखाई थी, लेकिन अभी तक इस दिशा मेें कोई काम नहीं हुआ है।

लेक्चर रिकॉर्ड करने की भी है सुविधा
वर्चुअल क्लासरूम में लेक्चर रिकॉर्ड करने की भी सुविधा है। आमंत्रित विशेषज्ञों के साथ ही विवि के शिक्षक भी अपनी क्लास का वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। यह वीडियो वर्चुअल क्लासरूम पर उपलब्ध रहता।

विद्यार्थी अपनी जरूरत के हिसाब से इन वीडियो को देखकर अपनी समस्या सुलझा सकते हैं। विद्यार्थी किन विषयों के वीडियो ज्यादा देख रहे हैं, इसका ब्यौरा निकालकर उस विषय से संबंधित और लेक्चर के वीडियो अपलोड किये जा सकते हैं।

इस संबंध में लविवि के प्रवक्ता प्रो.एनके पांडेय का कहना है कि वर्चुअल क्लासरूम विवि के लिए बहुत बड़ी सुविधा है। इसका संचालन न होना वाकई अफसोसजनक है। कुलपति जी से इस संबंध में बात की जाएगी ताकि जल्द जल्द से इसका संचालन शुरू हो सके। जिससे इसका विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed