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लविवि: लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे उत्तराखंड के सीएम, बोले- हॉस्टल छोड़ने के बाद मैं रो पड़ा था

Wed, 17 Nov 2021 11:22 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 17 Nov 2021 11:22 PM IST
सार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने बिताये गए अपने जीवन के पलों को याद किया।

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Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami in Lucknow University.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (बीच में), कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा। - फोटो : amar ujala

विस्तार

लखनऊ विश्वविद्यालय के हॉस्टल में जो चार से सात साल रह लेगा वह यहां बिताए दिनों को आजीवन याद रखेगा। कभी भी कोई यहां के बिताए दिनों को भूल नहीं सकता। जब मैं यहां से निकला और एक दिन होटल में रह रहा था तब रोना आ गया कि मैं हॉस्टल छोड़कर कहां आ गया। मैं यहां आकर भावुक हो गया हूं। यह संस्मरण थे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे पहली बार बुधवार को लविवि में पधारे। लखनऊ विश्वविद्यालय एलमुनाई फाउंडेशन और लविवि द्वारा मालवीय सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में उनको सम्मानित किया गया।

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राजनीति का ककहरा लविवि से ही सीखा है। उन्होंने 1994 में यहां से बीए की पढ़ाई की। वे उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान नरेंद्र देव छात्रावास के कमरा नंबर 119 में रहते थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर ईकाई के लिए कार्य किया। हॉस्टल में बिताए संस्मरणों को सुनाते हुए सीएम अपने पुराने दिनों खो गए।
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उन्होंने कहा कि रात को 11-12 बजे हॉस्टल में आते थे। तब 11 से 12 छात्र एक साथ खाना खाते थे। कोई रोटी ले आता था तो दाल कमरे में ही बना लेते थे। बसंती चाची के पकौड़े और चाय के साथ उन्होंने पप्पू ढाबा का भी जिक्र किया, जहां से रोटी और दाल मंगाई जाती थी।

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प्रो. निशी पांडेय अब पहले से नहीं दिखती

सीएम पुष्कर सिंह सैनी ने अपने संस्मरण सुनाते हुए कई ऐसे वाक्य कहे जिसे सुन सभागार में बैठे सभी ठहाके मारकर हंसने लगे। वे मंच से सभी पुराने शिक्षकों, छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों, सदस्यों का नाम ले रहे थे। उनके साथ बिताए दिनों को याद कर रहे थे। प्रो. निशी पांडेय का नाम लेकर बोले आप तो बिल्कुल बदल गईं। अब पहले जैसे नहीं दिखतीं। वहीं प्रो. नीरज जैन को याद कर बोले आप तो बिल्कुल नहीं बदले आज भी शक्ल वैसे ही है।

उन्होंने कहा मैं भी नहीं बदला मेरी भी शक्ल पहले से जैसे है। उन्होंने कहा कि सीएम बनने के बाद भी कुछ नहीं बदला, मैं आज भी वैसे ही हूं। उन्होंने कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक के साथ विवि में बिताए दिनों को याद कर कहा कि बहुत तेज तर्रार थे। छात्रसंघ के अध्यक्ष बने और आज कैबिनेट मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि यहां आकर घूमना, खाना, पुराने लोगों से मिलना, नए छात्रों से मिलना इतना अच्छा लग रहा है कि बता नहीं सकता।

राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष से मिले धामी

प्रदेश के दौरे पर आए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से शिष्टाचार भेंट की। राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के दौरान धामी ने उन्हें भगवान केदारनाथ मंदिर का स्मृति चिह्न तथा रुदाक्ष का पौधा भेंट किया। राज्यपाल ने भी धामी को शॉल और दो पुस्तकें ‘लोकहित के मुखर स्वर’ तथा ‘वो मुझे हमेशा याद रहेंगे’ देकर उनका स्वागत किया।

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