फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   urdu university will take fees from student per semester

उर्दू विवि में यूजी और पीजी में एडमिशन शुरू, सेमेस्टर के हिसाब से जमा होगी फीस

Mon, 23 Apr 2018 03:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 23 Apr 2018 03:21 PM IST
विज्ञापन
urdu university will take fees from student per semester
उर्दू यूनिवर्सिटी

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए काफी प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में विवि ने विद्यार्थियों से एकमुश्त फीस के बजाय सेमेस्टर वाइज फीस लेने का फैसला किया है। नई व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू होगी।

विज्ञापन

 
विवि ने मार्च अंत में यूजी-पीजी कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इसमें आवेदकों की संख्या बढ़ाने के लिए आवेदन शुल्क पिछले वर्ष की तुलना में आधी कर दी है।
विज्ञापन


इतना ही नहीं, विद्यार्थियों की जानकारी के लिए इंटर कॉलेजों में पोस्टर लगवाए गए हैं। साथ ही शहर में भी पंफलेट बंटवाए जा रहे हैं। विवि ने एमबीए व अन्य कोर्सों की फीस भी कम करने का प्रस्ताव दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस क्रम में पिछले दिनों विवि की वित्त समिति की बैठक में विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क की जगह सेमेस्टर के अनुसार शुल्क लेने का निर्णय लिया गया है। वहीं री-एडमिशन शुल्क के बारे में दोबारा प्रस्ताव लाने को कहा गया है।

कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा ने कहा कि इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। वहीं, अगर विद्यार्थी एक सेमेस्टर में फेल होता है और आगे पढ़ाई नहीं करना चाहता है तो उसका शुल्क बेकार नहीं जाएगा। 

यूजी-पीजी में महीने भर में मिले 200 आवेदन

विवि की तमाम कोशिशों के बावजूद विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत नहीं बढ़ रही है। यूजी-पीजी में दाखिले के लिए महीने भर से आवेदन प्रक्रिया चल रही है, लेकिन विवि को अभी तक महज 200 आवेदन ही मिले हैं। हालांकि कुलपति प्रो. मिर्जा ने कहा कि अभी सभी बैंकों से जानकारी नहीं मिली है। आवेदन अभी जारी रहेंगे।

विवि में अधिकारियों के कई अहम पद खाली 

विवि के रजिस्ट्रार एसके शुक्ला का तबादला कानपुर विश्वविद्यालय हो गया है। तब से यह पद खाली चल रहा है। इतना ही नहीं, परीक्षा नियंत्रक का पद भी काफी समय से खाली है। जबकि वित्त अधिकारी टीआर यादव को डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया गया है। इस तरह अधिकारियों की कमी से विश्वविद्यालय का कार्य प्रभावित हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed