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यूपी लोक सेवा आयोग से होंगी सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:41 PM IST
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राजकीय इंटर कॉलेजों (जीआईसी) में टीजीजी (प्रशिक्षित स्नातक ग्रेड) शिक्षकों की भर्ती लोक सेवा आयोग ही कराएगा। आयोग द्वारा लिखित परीक्षा के जरिए भर्ती करने हेतु 23 अगस्त 2017 के संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दी हैं। हिमांशु शुक्ला और दर्जनों अन्य याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने दिया।
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याचिकाओं में कहा गया कि प्रदेश सरकार ने टीजीजी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को बीच में रद्द करते हुए सहायक अध्यापकों की भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से लिखित परीक्षा के द्वारा कराने का निर्णय लिया है।
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कहा गया कि सरकार का यह निर्णय मनमाना, अतार्किक और राजनीतिक उद्देश्यों से लिया गया है। संशोधित नियमावली को भूतलक्षी प्रभाव से नहीं लागू किया जा सकता है। याचीगण ने 2016 में जारी विज्ञापन के तहत आवेदन किया था, जिसे सरकार ने रद्द कर दिया है।
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इससे पूर्व नियुक्तियां संयुक्त निदेशक शिक्षा के द्वारा क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स के आधार पर की जा रही हैं। याचीगण ने पुराने नियम के तहत जारी विज्ञापनों में ही भर्ती के लिए आवेदन किया था।
कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि भर्ती नियमावली में बदलाव करना सरकार का नीतिगत निर्णय है। क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स के बजाए लिखित परीक्षा के जरिए भर्ती करने से बेहतर अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।
कोर्ट ने याचीगण की इस दलील को भी स्वीकार नहीं किया कि बाद में संशोधित नियमावली को पूर्व में जारी भर्ती विज्ञापनों में लागू किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि उपरोक्त संशोधन को हाईकोर्ट की एक विशेष अपील में भी मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए सरकार के समक्ष इसे लागू करने में कोई बाधा नहीं है।