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हाईकोर्ट का झटका, गलत ओमएमआर भरने वाले टीईटी स्टूडेंट्स को नहीं दी राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 06 Jun 2018 03:30 PM IST
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- फोटो : डेमो
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टीईटी 2017 में गलत ओएमआर शीट भरने वाले अभ्यर्थियोें को हाईकोर्ट की खंडपीठ से भी झटका लगा है। एकल न्यायपीठ के आदेश को सही मानते हुए खंडपीठ ने अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने मामूली गलतियां करने के बाद उसे मानवीय त्रुटि के आधार पर सुधारने का मौका देने की दलील को स्वीकार नहीं किया।
अदालत का मानना था कि भावी शिक्षकों से ऐसी गलतियों की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। जयकरन सिंह और 52 अन्य तथा दर्जनों अन्य विशेष अपीलों पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की पीठ ने सुनवाई की।
अपील में एकल न्यायपीठ के 29 जनवरी 2018 के निर्णय को चुनौती दी गई थी। याचीगण का कहना था कि वे टीईटी 2017 में शामिल हुए थे। ओएमआर शीट में दिए गए निर्देशों के अनुसार पंजीकरण संख्या, अनुक्रमांक और भाषा चयन आदि में कुछ गलतियां हुईं, जिससे उनका परिणाम जारी नहीं किया गया।
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अधिवक्ता की दलील थी कि याचीगण द्वारा की गई गलतियां मानवीय त्रुटि हैं और उसे सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए। मांग की गई कि कॉपियों का मूल्यांकन मैन्युअली किया जाए तथा उनका परिणाम घोषित किया जाए।
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अदालत का मानना था कि भावी शिक्षकों से ऐसी गलतियों की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। जयकरन सिंह और 52 अन्य तथा दर्जनों अन्य विशेष अपीलों पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की पीठ ने सुनवाई की।
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अपील में एकल न्यायपीठ के 29 जनवरी 2018 के निर्णय को चुनौती दी गई थी। याचीगण का कहना था कि वे टीईटी 2017 में शामिल हुए थे। ओएमआर शीट में दिए गए निर्देशों के अनुसार पंजीकरण संख्या, अनुक्रमांक और भाषा चयन आदि में कुछ गलतियां हुईं, जिससे उनका परिणाम जारी नहीं किया गया।
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अधिवक्ता की दलील थी कि याचीगण द्वारा की गई गलतियां मानवीय त्रुटि हैं और उसे सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए। मांग की गई कि कॉपियों का मूल्यांकन मैन्युअली किया जाए तथा उनका परिणाम घोषित किया जाए।