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स्कूलों में भी मिलेंगी यूपी बोर्ड की एनसीईआरटी वाली किताबें, क्षेत्रवार होगी बिक्री
Fri, 28 Dec 2018 04:02 PM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Fri, 28 Dec 2018 04:02 PM IST
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- फोटो : डेमो
यूपी बोर्ड की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों की बिक्री अब राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से भी की जाएंगी। नए शैक्षिक सत्र से शिक्षा विभाग यह व्यवस्था करेगा। बाजार में एनसीईआरटी की पर्याप्त किताबें उपलब्ध न होने की वजह से विभाग यह व्यवस्था करने जा रहा है।
यूपी बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर वर्तमान सत्र से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम कक्षा 9 से 12वीं तक में लागू किया गया है। बोर्ड ने अपने चार निर्धारित प्रकाशकों से एनसीईआरटी की किताबें छपवाई हैं।
बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रकाशकों ने 31 विषयों की किताबें छापी हैं। लेकिन खुले बाजार में इक्का-दुक्का दुकानदार ही यूपी बोर्ड की एनसीईआरटी किताबें बेचते हैं। इस वजह से विद्यार्थियों को किताबों के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा फायदा निजी प्रकाशक उठाते हैं।
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वे एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के आधार पर अपनी निजी किताबों की बिक्री करते हैं। क्योंकि इन किताबों पर दुकानदारों को ज्यादा कमीशन मिलता है, इसलिए वे धड़ल्ले से निजी प्रकाशकों की किताबों की बिक्री करते हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग ने बाजार में छापेमारी कर निजी प्रकाशकों की किताबें भी पकड़ीं थीं। किताबों की कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से किताबों की बिक्री करने की योजना बनाई है।
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यूपी बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर वर्तमान सत्र से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम कक्षा 9 से 12वीं तक में लागू किया गया है। बोर्ड ने अपने चार निर्धारित प्रकाशकों से एनसीईआरटी की किताबें छपवाई हैं।
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बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रकाशकों ने 31 विषयों की किताबें छापी हैं। लेकिन खुले बाजार में इक्का-दुक्का दुकानदार ही यूपी बोर्ड की एनसीईआरटी किताबें बेचते हैं। इस वजह से विद्यार्थियों को किताबों के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा फायदा निजी प्रकाशक उठाते हैं।
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वे एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के आधार पर अपनी निजी किताबों की बिक्री करते हैं। क्योंकि इन किताबों पर दुकानदारों को ज्यादा कमीशन मिलता है, इसलिए वे धड़ल्ले से निजी प्रकाशकों की किताबों की बिक्री करते हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग ने बाजार में छापेमारी कर निजी प्रकाशकों की किताबें भी पकड़ीं थीं। किताबों की कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से किताबों की बिक्री करने की योजना बनाई है।
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इन कॉलेजों में खोले जा सकते हैं बिक्री केंद्र
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि किताबों की बिक्री के दौरान क्षेत्र का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ऐसे राजकीय विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जहां से आसपास के ज्यादा विद्यालयों के छात्र किताबें खरीद सकें। क्षेत्रवार एक-एक राजकीय कॉलेज में प्रकाशकों द्वारा बिक्री केंद्र खोला जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिए स्कूलों से छात्रों का आंकड़ा भी जुटाया जाएगा। प्रकाशकों को छात्रों की संख्या के आधार पर किताबें उपलब्ध करानी होंगी। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिंगार नगर, राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोमती नगर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इंदिरा नगर समेत कई राजकीय कॉलेजों में बिक्री केंद्र खोले जा सकते हैं। इसके अलावा खुले बाजार में भी किताबें पहले की तरह ही बिकेंगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए स्कूलों से छात्रों का आंकड़ा भी जुटाया जाएगा। प्रकाशकों को छात्रों की संख्या के आधार पर किताबें उपलब्ध करानी होंगी। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिंगार नगर, राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोमती नगर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इंदिरा नगर समेत कई राजकीय कॉलेजों में बिक्री केंद्र खोले जा सकते हैं। इसके अलावा खुले बाजार में भी किताबें पहले की तरह ही बिकेंगी।