नए साल में लखनऊ यूनिवर्सिटी समेत 176 कॉलेजों के छात्रों को मिलेगी ई-लाइब्रेरी की सुविधा
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इसके बाद कंप्यूटर और अन्य उपकरण लगाने का काम पूरा होगा। लखनऊ विश्वविद्यालय को पिछली बार नैक के निरीक्षण में बी ग्रेड से संतोष करना पड़ा था। इसकी एक बड़ी वजह लाइब्रेरी का डिजिटाइज्ड न होना भी था। इससे सीख लेते हुए लविवि प्रशासन ने पिछले साल टैगोर पुस्तकालय को डिजिटाइज्ड करने के साथ ही ई-लाइब्रेरी का काम भी शुरू करवा दिया था।
पहले चरण में विवि के विद्यार्थियों को इस लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा। अगले चरण में विवि से सहयुक्त 176 कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए विद्यार्थियों को लॉगइन आईडी ओर पासवर्ड दे दिए जाएंगे। इसके आधार पर वे पुस्तकालय का लाभ उठा सकेंगे।
न्यू कैंपस में भी स्थापित होगी ई-लाइब्रेरी
जल्द शुरू होगी वाई-फाई सुविधा
ई-लाइब्रेरी तभी सफल हो सकती है जबकि परिसर पूरी तरह से वाई-फाई से युक्त हो। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि उम्म्मीद है कि जल्द ही परिसर में वाई-फाई सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से सभी राज्य विवि को वाई-फाई युक्त बनाने के लिए निजी कंपनी से करार भी किया जा चुका है। विवि में इसका काम चल रहा है। दावा है कि जल्द ही इसकी शुरुआत हो जाएगी।
इस बार नैक में ए ग्रेड की उम्मीद
ई-लाइब्रेरी का भवन बनकर लगभग तैयार है। जल्द ही इसमें ई-लाइब्रेरी सुविधा की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद हम लोग नैक की ग्रेडिंग के लिए आवेदन करेंगे। इस साल ऐसी कोई वजह नहीं दिखती, जिससे हमें ए ग्रेड न मिले। - प्रो.एमपी सिंह कुलपति, लविवि