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लखनऊ विश्वविद्यालय: प्रमोट छात्रों ने 55 फीसदी से कम औसत अंक मिलने पर किया प्रदर्शन

Thu, 02 Sep 2021 12:08 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 02 Sep 2021 12:08 PM IST
सार

बैक पेपर और इंप्रूवमेंट में बिना परीक्षा कम अंक दिए जाने से नाराज छात्रों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि अब आगे की पढ़ाई के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिलना मुश्किल हो जाएगा।

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students protest for low marks in emprovement examination.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ विश्वविद्यालय ने बैक पेपर और इंप्रूवमेंट में बिना परीक्षा कम औसत अंक दिए जाने से नाराज छात्रों ने बुधवार को विवि के प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उनको 55 फीसदी से भी कम औसत अंक दिए गए हैं, जो आगे की पढ़ाई के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिलना मुश्किल हो जाएगा।

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प्रदर्शन करने वालों में विश्वविद्यालय, केकेसी, शिया सहित अन्य कॉलेजों के छात्रों के अलावा समाजवादी छात्र सभा और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा), एनएसयूआई के छात्र नेता भी शामिल रहे। कोरोना की वजह से परीक्षा नहीं कराई गई और छात्रों को औसत अंक दे दिए गए।
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छात्रों का आरोप है कि परीक्षा फॉर्म के नाम पर विवि प्रशासन ने हर एक से एक हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन अंक देने में इतनी कंजूसी कर दी कि उनकी परफॉर्मेंस ही बिगड़ गई। छात्रों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लिया था। इसमें काफी छात्रों की बैक लगी थी। छात्रों ने एग्जेम्प्टेड परीक्षा फॉर्म भी भरा था।
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छात्रों ने बताया कि अधिकांश छात्रों को औसत 27-27 अंक दिए गए हैं। छात्र काफी देर तक प्रदर्शन करते रहे। प्रॉक्टोरियल टीम ने मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र नहीं माने। सूचना पर पुलिस भी पहुंची मगर छात्र अंक बढ़ाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में पुलिस ने जबरन छात्रों को वहां से वाहन में बैठा कर ले गई।


चीफ प्रॉक्टर प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार फेल छात्रों को न्यूनतम अंक देकर प्रमोट किया गया है। अब छात्र नियम विरुद्घ 55 फीसदी अंक की मांग कर रहे हैं। वे मानने को तैयार नहीं हैं।

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