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आस्ट्रेलिया के स्टूडेंट्स लखनऊ यूनिवर्सिटी में प्राप्त करेंगे ज्ञान, नवंबर से शुरु होगा पाठ्यक्रम
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:08 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले विद्यार्थियों के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय एक नजीर पेश करने जा रहा है। विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ वाइल्ड साइंसेज की ओर से शुरू किए गए सर्टिफिकेट कोर्स में ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के 20 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करेंगे।
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ये विदेशी छात्र भारतीय छात्रों के साथ मिलकर जल और स्वास्थ्य पर आधारित सर्टिफिकेट कोर्स करेंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ वाइल्ड साइंसेज की निदेशक प्रो. अमिता कनौजिया ने बताया कि वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के ये विद्यार्थी इंस्टीट्यूट की तरफ से पहली बार शुरू किए गए सर्टिफिकेट कोर्स ऑन वाटर एंड हेल्थ फॉर सस्टेनबिलिटी में शामिल होंगे।
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सेंटर फॉर इन्वायरमेंट एजूकेशन (सीईई) के सहयोग से संचालित इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थी कोर्स की अवधि के दौरान लविवि के मेहमान होंगे। यह पाठ्यक्रम पहली बार शुरू किया जा रहा है। इसमें साइंस, कम्युनिकेशन और सोशल वर्क के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं।
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पहले बैच में ऑस्ट्रेलिया के 20 और लविवि के विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे 40 विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इनका पंजीकरण हो चुका है। 27 नवंबर से पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। इसका समापन आठ दिसंबर को होगा। ऑस्ट्रेलियाई विद्यार्थियों की फीस उनका विवि वहन कर रहा है जबकि बाकी छात्रों के लिए एक हजार रुपये फीस निर्धारित की गई है। कोर्स का मुख्य मकसद पर्यावरण शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना है।
यहां पढ़ें, ये होगा कोर्स में
ये होगा कोर्स में
- सतत विकास के विकास विभिन्न मुद्दों जैसे- जनसंख्या, जल समस्या, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन का अध्ययन
- भारतीय परिवेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच अंतर के साथ स्थिरता का अध्ययन
- स्थिरता के विभिन्न आर्थिक और सामाजिक पहलू का अध्ययन
- पर्यावरण शिक्षा और स्थिरता के लिए शिक्षण
संस्थान में संचालित हैं तितली और सांप के बचाव के भी कोर्स
इंस्टीट्यूट फॉर वाइल्ड लाइफ की समन्वयक प्रो. अमिता कनौजिया ने बताया कि इस इंस्टीट्यूट में वन्य जीवन के साथ ही जैव विविधता के क्षेत्र में काम किया जाता है। शोध के साथ ही स्टूडेंट्स के लिए पीजी डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम भी हैं।
लखनऊ में इस तरह का यह पहला संस्थान है। इस समय यहां पर सांप को रेस्क्यू करने और तितलियों की पहचान पर आधारित पाठ्यक्रम संचालित हैं। जल्द ही यहां पर वेटलैंड/सारस कंजर्वेशन, एक्यूटिक वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन और ऑर्निथोलॉजी पर आधारित सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे।
- सतत विकास के विकास विभिन्न मुद्दों जैसे- जनसंख्या, जल समस्या, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन का अध्ययन
- भारतीय परिवेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच अंतर के साथ स्थिरता का अध्ययन
- स्थिरता के विभिन्न आर्थिक और सामाजिक पहलू का अध्ययन
- पर्यावरण शिक्षा और स्थिरता के लिए शिक्षण
संस्थान में संचालित हैं तितली और सांप के बचाव के भी कोर्स
इंस्टीट्यूट फॉर वाइल्ड लाइफ की समन्वयक प्रो. अमिता कनौजिया ने बताया कि इस इंस्टीट्यूट में वन्य जीवन के साथ ही जैव विविधता के क्षेत्र में काम किया जाता है। शोध के साथ ही स्टूडेंट्स के लिए पीजी डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम भी हैं।
लखनऊ में इस तरह का यह पहला संस्थान है। इस समय यहां पर सांप को रेस्क्यू करने और तितलियों की पहचान पर आधारित पाठ्यक्रम संचालित हैं। जल्द ही यहां पर वेटलैंड/सारस कंजर्वेशन, एक्यूटिक वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन और ऑर्निथोलॉजी पर आधारित सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे।