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बीबीएयू में जल्द शुरू होगा स्टार्ट-अप, टैलेंटेड बच्चों की मांगी सूची

Wed, 05 Oct 2016 03:02 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 05 Oct 2016 03:02 PM IST
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start-up scheme will be launch in bbau
स्टूडेंट - फोटो : demo pic

अब स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए राजधानी के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 11वीं कक्षा से ही वह स्टार्ट अप शुरू कर पाएंगे। इस काम में उनको बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विवि फंडिंग करेगा।

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इस योजना को शुरू करने के लिए मंगलवार को कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने राजधानी के आठ स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ बैठक की। उन्होंने इन प्रधानाचार्यो से उनके यहां 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाले टैलेंटेड बच्चों की सूची मांगी है। 
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सूची मिलते ही स्क्रीनिंग शुरू हो जाएगी। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने बीबीएयू को स्टार्ट अप योजना के तहत विवि में एंटरप्रेनयोरशिप डवलपमेंट सेल स्थापित करने के लिए 50 लाख रुपये का बजट दिया है। 
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विवि के प्रवक्ता प्रो. गोविंद जी पांडेय ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ पब्लिक स्कूल, लखनऊ पब्लिक कॉलेजिएट, सिंधी गर्ल्स इंटर कॉलेज, प्रियदर्शिनी इंटर कॉलेज सहित आठ स्कूलों के प्रिंसिपल कुलपति से मिले।

कुलपति ने इन लोगों से कहा कि उनके यहां बहुत से स्टूडेंट्स प्रोजेक्ट बनाते होंगे। इनमें जो प्रोजेक्ट इनोवेटिव होगा उसे स्टार्ट अप के तहत डवलप करने के लिए विवि मदद करेगा। इतना ही नहीं इस योजना में बच्चों को प्रशिक्षण देकर पूरी ग्रूमिंग की जाएगी। इसके जल्द ही स्कूलों के साथ एमओयू किया जाना है।

शोध की तरफ बढ़ेगा रुझान

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Student

स्टार्ट-अप के इस प्रोजेक्ट के अलावा कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने प्रधानाचार्यों से यह भी कहा कि वह अपने यहां के बच्चों को हफ्ते में एक दिन विवि परिसर लेकर आएं। इसमें स्कूल कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को ला सकते हैं। 

विवि के कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने बताया कि विवि में किस तरह के शोध चलते हैं, वहां पढ़ाने की तरीका, क्लास रूम्स, साइंस लैब्स आदि के बारे में स्कूल-कॉलेज के छात्रों को जानकारी देने के लिए ही इस योजना को शुरू किया जा रहा है। 

प्रो. सोबती ने बताया कि अधिकतर छात्रों को यह पता ही नहीं होता कि वह उच्च शिक्षा में कौन सा कोर्स करके किस फील्ड में जाएंगे। बहुत से छात्र दूसरों को देखकर इंजीनियरिंग, मेडिकल या पारंपरिक कोर्स में कुछ सीमित विषयों तक ही सीमित हो जाते हैं। 

जबकि आज चीजें बहुत बदल चुकी हैं। जब छात्र विवि आएंगे तो उन्हें विभिन्न कोर्स व कॅरिअर ऑप्शन्स के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके अलावा उच्च शिक्षा के बाद केवल नौकरी ही विकल्प नहीं। शोध के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं।

छात्रों को विभिन्न विभागों में ले जाकर वहां चल रहे शोध के बारे में बताया जाएगा। जब छात्र आगे का सोचकर किसी कोर्स का चयन करेंगे तो उनके सफलता का ग्राफ निश्चित रूप से बढ़ेगा।

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