लखनऊ यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन में लागू होगा सेमेस्टर सिस्टम
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लखनऊ विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2018-19 से पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम लागू हो जाएगा। विवि में फिलहाल परास्नातक के सभी पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू है।
स्नातक स्तर पर केवल बीए, बीएससी और बीकॉम में वार्षिक प्रणाली पर परीक्षाएं होती हैं। स्नातक के ही बाकी पाठ्यक्रमोें में सेमेस्टर सिस्टम ही लागू है। विवि में एक साथ सेमेस्टर और वार्षिक दोनों प्रणाली लागूू होने की वजह से साल में तीन बार परीक्षाओं का दौर चलता है।
दो बार सेमेस्टर और एक बार वार्षिक परीक्षा। इनमें करीब चार महीने से ज्यादा का समय जाता है। इसको देखते हुए अब विवि में पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जा रहा है।
लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि वार्षिक और सेमेस्टर दोनों सिस्टम लागू होने की वजह से विवि में पढ़ाई से ज्यादा समय तक परीक्षा ही चलती है। ऐसे में विवि में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता है। विवि में सबसे ज्यादा स्टूडेंट बीए, बीएससी और बीकॉम पाठ्यक्रमों में ही हैं।
दूसरी तरफ बीए ऑनर्स, बीकॉम ऑनर्स, बीबीए, बीसीए, एमसीए, एमएसडब्ल्यू, एलएलबी आदि पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर सिस्टम लागू है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग पिछले काफी समय से सभी पाठ्यक्रम पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम पर संचालित करने को कह रहा है। एलयू के इस कदम से यह निर्देश भी पूरा हो जाएगा।
नैक में मिलेगा फायदा
विवि में इस समय लागू व्यवस्था के अनुसार दो बार सेमेस्टर परीक्षा होती है। दूसरी सेमेस्टर परीक्षा के आसपास ही वार्षिक परीक्षाएं भी होती हैं। इस साल की वार्षिक परीक्षा एक मार्च से शुरू हुई थीं।
इसके साथ ही सेमेस्टर परीक्षा की शुरुआत भी हो चुकी हैं। दोनों परीक्षाएं जून में संपन्न होनी हैं। इस तरह से करीब साढ़े तीन महीने परीक्षा होंगी। पहले सेमेस्टर परीक्षा का समय जोड़ दें तो केवल परीक्षा का समय ही साढ़े चार महीने होता है।
केवल सेमेस्टर परीक्षा होने पर इस समय को कम से कम दो महीने कम किया जा सकेगा। इसका सदुपयोग पढ़ाई में हो सकेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों को पूरी तरह से सेमेस्टर प्रणाली लागू करने के लिए कहा है।
लविवि में परास्नातक स्तर पर तो सेमेस्टर प्रणाली लागू हो गई है, लेकिन अभी तक स्नातक मेें सेमेस्टर प्रणाली लागू नहीं हो सकी है। नैक की ग्रेडिंग केे दौरान विवि को पूरी तरह से सेमेस्टर प्रणाली लागू न होने का खामियाजा भी भुगतना पड़ा था। एलयू को उस समय नैक की ग्रेडिंग में बी ग्रेेड से संतोष करना पड़ा था।
ऑनलाइन होगी सेशनल परीक्षा
इसके लिए हर कॉलेज में करीब 50 सिस्टम की कंप्यूटर लैब स्थपित की जाएगी। विवि से परीक्षा का संचालन करके उसी दिन स्टूडेंट्स को अंक भी बता दिए जाएंगे। मुख्य सेमेस्टर परीक्षा का आयोजन पहले की ही तरह कॉपी पेन पर आधारित होगी।
इससे स्टूडेंट्स को लिखने का भी अभ्यास रहेगा। ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराने के लिए सभी विषयों के लिए एक क्वेश्चन बैंक बनाया जाएगा। इसमें हर विषय के करीब 10 बहुविकल्पीय सवाल होंगे। समय-समय पर इसमें बदलाव भी किया जाएगा।
‘विवि में वार्षिक और सेमेस्टर प्रणाली दोनों लागू होने से परीक्षा में समय की काफी बर्बादी होती है। साल भर के सत्र में पांच महीने तो केवल परीक्षा ही चलती रहती है। इसलिए बीए, बीएससी और बीकॉम में भी सेेमेस्टर प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सेशनल परीक्षा ऑनलाइन पद्धति पर आयोजित होंगी। इसके लिए हर कॉलेज में कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी।’ - प्रो.एसपी सिंह कुलपति, लविवि