बराबर होगी एलयू और डिग्री कॉलेजों के सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज की फीस
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लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त डिग्री कॉलेज अब सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की मनमानी फीस नहीं ले सकेंगे। कॉलेजों को भी अपनी फीस अब एलयू के समान ही रखनी होगी। विवि इसके लिए सभी कॉलेजों को निर्देश जारी कर रहा है।
वर्तमान व्यवस्था में अनुदानित और राजकीय कॉलेजों में रेग्युलर पाठ्यक्रमों की फीस तो लविवि के समान ही है। मगर सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस कॉलेज अपनी मर्जी से निर्धारित करते हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने इसका संज्ञान लेते हुए लविवि को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसके बाद लविवि प्रशासन सभी डिग्री कॉलेजों को निर्देश जारी कर रहा है कि वे सेल्फ फाइनेंस कोर्स की फीस एलयू के बराबर ही रखें।
कई बार शिकायत आती है कि कॉलेज मनमानी फीस वसूल रहे हैं। लविवि कुलसचिव प्रो. राजकुमार सिंह ने बताया कि वे सभी कॉलेजों को इस संबंध में पत्र लिख रहे हैं। विवि के सभी पाठ्यक्रमों की फीस विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध है, कॉलेज उसकी सहायता से अपनी फीस में बदलाव करें।
प्रस्तावित है 15 फीसदी बढ़ोतरी
एलयू में चलने वाले सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में इस साल 15 फीसदी फीस बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है। विवि प्रशासन का तर्क है कि सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस में पिछले छह साल से बढ़ोतरी नहीं हुई है। महंगाई और अन्य खर्च को देखते हुए फीस में बढ़ोत्तरी करना मजबूरी है। इसलिए फीस बढ़ाना मजबूरी है। इसके साथ ही सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस आगामी वर्षों में सालाना पांच फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव भी है। इसके बाद कॉलेजों को भी अपनी फीस बढ़ाने का मौका मिलेगा।
कहीं कम तो कहीं ज्यादा फीस
शासन की मंशा डिग्री स्तर पर फीस में एकरूपता लाना है। ऐसा नहीं है कि सभी कॉलेजों में एलयू के मुकाबले ज्यादा फीस ही ली जा रही है। कई कॉलेज विवि से भी कम फीस ले रहे हैं। पत्रकारिता एवं जनसंचार कोर्स की फीस लविवि मेें सालाना 60 हजार रुपये जबकि शिया पीजी कॉलेज में महज 50 हजार रुपये है। इसी तरह रजत गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीकॉम की फीस 12 हजार है जबकि लविवि की फीस 25 हजार रुपये सालाना। वहीं बीकॉम की फीस कई कॉलेजों मे 30 से 35 हजार रुपये के पार है।
