लखनऊ विश्वविद्यालय में शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दी सौगात
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लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को अभिनव गुप्त शोधपीठ के नए भवन का शिलान्यास कर दिया गया। शोधपीठ का भवन अगले चार महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। विवि को प्रदेश सरकार से शोध संस्थान के मौजूदा भवन के जीर्णोद्धार के लिए 15 लाख तथा भवन विस्तार के लिए अतिरिक्त दो करोड़ 96 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
इसमें से 1.48 करोड़ रुपये की राशि विवि को मिल भी चुकी है। कुलपति प्रो. एसपी सिंह तथा अन्य शिक्षकों ने शुक्रवार को इसके लिए भूमि पूजन किया।
लविवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से लविवि को दीन दयाल उपाध्याय, भाऊराव देवरस तथा अभिनव गुप्त शोध पीठ मिले हैं। दीन दयाल उपाध्याय और भाऊराव देवरस शोधपीठ के लिए विवि को दो-दो करोड़ रुपये मिले हैं।
जबकि अभिनव गुप्त संस्थान के लिए भवन निर्माण के लिए 2.96 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही आठ पद भी स्वीकृत हुए हैं। इनमें एक पद प्रोफेसर-निदेशक का, दो पद असिस्टेंट प्रोफेसर के, एक पद रिसर्च फेलो, दो पद कर्मचारी, एक पद मल्टीटास्किंग और एक पद सफाई कर्मचारी का है।
शोधपीठ के भवन निर्माण के लिए एजेंसी नामित हो चुकी थी। भूमिपूजन के साथ ही इसका निर्माण शुरू हो गया है। शोधपीठ में पुरोहित, तंत्र, संस्कृत साहित्य, कला और संगीत पर आधारित डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों का संचालन होगा। अभिनवगुप्त तंत्र, संस्कृत साहित्य, कला और संगीत के प्रकांड विद्वान थे। इस शोधपीठ में उनके द्वारा लिखे गए ग्रंथों पर शोध कार्य किया जाएगा।
जल्द होगा इंजीनियर फैकल्टी भवन का शिलान्यास
लविवि प्रशासन 20 करोड़ रुपये से अपनी इंजीनियरिंग फैकल्टी भवन का निर्माण करेगा। इसके लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही इसका शिलान्यास करके काम शुरू किया जाना है। विश्वविद्यालय ने पिछले सत्र 2017-18 से बीटेक का कोर्स शुरू किया है। यहां कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, पांच ब्रांच में पढ़ाई शुरू हुई थी। सभी में 60-60 कुल 300 सीटें हैं। पिछले साल ही यहां प्रवेश के लिए काफी मारामारी हुई थी। प्रवेश राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) के माध्यम से हुए थे।
गर्ल्स हॉस्टल के उद्घाटन का इंतजार
लविवि में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सत्र शुरू होने से पहले ही इसका उद्घाटन कर दिय जाएगा। यह हॉस्टल 148 बेड वाला है। छात्रावास के उद्घाटन के बाद इंजीनियरिग और मैनेजमेंट की छात्राओं को काफी सहूलियत होगी। इसके बाद परिसर में जल्द ही पुरुष छात्रावास का निर्माण शुरू होना है।