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पीएचडी प्रवेश में एससी समेत इन स्टूडेंट्स को राहत, लाने होंगे सिर्फ 45 प्रतिशत अंक
Mon, 14 Jan 2019 02:29 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 14 Jan 2019 02:29 PM IST
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले एससी-एसटी और ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर अभ्यर्थियों के लिए खुश होने वाली खबर है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता में उन्हें पांच फीसदी छूट मिलेगी।
सामान्य अभ्यर्थियों के मुकाबले वे सिर्फ 45 फीसदी अंक लाने पर ही सफल घोषित किए जा सकेंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय यूजीसी के पीएचडी अध्यादेश संशोधन-2018 को इस बार की प्रवेश प्रक्रिया में लागू करने जा रहा है।
इसके लिए 14 जनवरी को एकेडमिक काउंसिल और कार्य परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक में एमफिल दाखिलों को लेकर भी फैसला किया जाएगा। यूजीसी के पीएचडी अध्यादेश-2016 के अनुसार पीएचडी दाखिले सिर्फ प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही कराए जा सकते हैं।
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंक लाने वाले अभ्यर्थी को ही दाखिला दिया जा सकता है। लविवि ने अपना पीएचडी अध्यादेश इसी के अनुसार तैयार किया था। राजभवन से इसे स्वीकृत मिल चुकी है।
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सामान्य अभ्यर्थियों के मुकाबले वे सिर्फ 45 फीसदी अंक लाने पर ही सफल घोषित किए जा सकेंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय यूजीसी के पीएचडी अध्यादेश संशोधन-2018 को इस बार की प्रवेश प्रक्रिया में लागू करने जा रहा है।
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इसके लिए 14 जनवरी को एकेडमिक काउंसिल और कार्य परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक में एमफिल दाखिलों को लेकर भी फैसला किया जाएगा। यूजीसी के पीएचडी अध्यादेश-2016 के अनुसार पीएचडी दाखिले सिर्फ प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही कराए जा सकते हैं।
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी अंक लाने वाले अभ्यर्थी को ही दाखिला दिया जा सकता है। लविवि ने अपना पीएचडी अध्यादेश इसी के अनुसार तैयार किया था। राजभवन से इसे स्वीकृत मिल चुकी है।
यूजीसी के निर्देश के अनुसार फैसला
इसी बीच यूजीसी ने पीएचडी अध्यादेश में संशोधन जारी किया है, जिसके अनुसार एससी-एसटी और ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर के अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा में पांच फीसदी अंकों की छूट दी गई है।
लविवि प्रशासन को आशंका है कि इस प्रावधान को शामिल न करने की सूरत में कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट जा सकते हैं। इसको देखते हुए लविवि प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी होने से पहले ही इसे अपने अध्यादेश में शामिल करने का फैसला किया है।
यूजीसी के निर्देश को देखते हुए मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया में ही एससी-एसटी और ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर के अभ्यर्थियों को पांच फीसदी छूट मिलना चाहिए। इसे लागू करने के लिए ऑर्डिनेंस में संशोधन होना है। इसलिए एकेडमिक काउंसिल और कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि
लविवि प्रशासन को आशंका है कि इस प्रावधान को शामिल न करने की सूरत में कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट जा सकते हैं। इसको देखते हुए लविवि प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी होने से पहले ही इसे अपने अध्यादेश में शामिल करने का फैसला किया है।
यूजीसी के निर्देश को देखते हुए मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया में ही एससी-एसटी और ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर के अभ्यर्थियों को पांच फीसदी छूट मिलना चाहिए। इसे लागू करने के लिए ऑर्डिनेंस में संशोधन होना है। इसलिए एकेडमिक काउंसिल और कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि