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रैगिंग पर प्राचार्य और प्रबंधक होंगे जिम्मेदार
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 21 Jul 2017 04:07 PM IST
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नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षण संस्थाओं में नव प्रवेशियों से रैगिंग रोकने के लिए लखनऊ के डीएम कौशलराज शर्मा ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
रैगिंग हुई तो संबंधित शिक्षण संस्थान के प्रबंधक व प्राचार्य को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सर्वोच्च न्यायालय व शासन स्तर से जारी निर्देशों के आधार पर सभी शिक्षण संस्थाओं में अनिवार्य तौर पर एंटी रैगिंग कमेटी गठित किए जाने का निर्देश भी दिया।
जिलाधिकारी ने प्रबंधन, मेडिकल, इंजीनियरिंग और पालीटेक्निक जैसे वोकेशनल शिक्षण संस्थाओं में रैगिंग की रोकथाम को क्षेत्रवार स्तर पर एसीएम की अगुवाई में निगरानी दस्ता गठित कराए जाने का आदेश भी प्रभारी अधिकारी व एडीएम ट्रांस गोमती को दिया।
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इस निगरानी दस्ते में क्षेत्रीय एसीएम के साथ ही संबंधित सीओ व कालेज प्रशासन की तरफ से नामित वरिष्ठ शिक्षक शामिल होगा। यह कमेटी शिक्षण संस्थाओं के परिसर, क्लास रूम व हास्टल का औचक निरीक्षण कर नए प्रवेशार्थियों से सीधे बातचीत के आधार पर रैगिंग की आड़ में होने वाले उत्पीड़न का पता लगा कर इसके लिए जिम्मेदार सीनियर छात्रों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाएगी।
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रैगिंग हुई तो संबंधित शिक्षण संस्थान के प्रबंधक व प्राचार्य को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सर्वोच्च न्यायालय व शासन स्तर से जारी निर्देशों के आधार पर सभी शिक्षण संस्थाओं में अनिवार्य तौर पर एंटी रैगिंग कमेटी गठित किए जाने का निर्देश भी दिया।
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जिलाधिकारी ने प्रबंधन, मेडिकल, इंजीनियरिंग और पालीटेक्निक जैसे वोकेशनल शिक्षण संस्थाओं में रैगिंग की रोकथाम को क्षेत्रवार स्तर पर एसीएम की अगुवाई में निगरानी दस्ता गठित कराए जाने का आदेश भी प्रभारी अधिकारी व एडीएम ट्रांस गोमती को दिया।
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इस निगरानी दस्ते में क्षेत्रीय एसीएम के साथ ही संबंधित सीओ व कालेज प्रशासन की तरफ से नामित वरिष्ठ शिक्षक शामिल होगा। यह कमेटी शिक्षण संस्थाओं के परिसर, क्लास रूम व हास्टल का औचक निरीक्षण कर नए प्रवेशार्थियों से सीधे बातचीत के आधार पर रैगिंग की आड़ में होने वाले उत्पीड़न का पता लगा कर इसके लिए जिम्मेदार सीनियर छात्रों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाएगी।