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उर्दू यूनिवर्सिटी में जल्द शुरू होंगे पीएचडी प्रवेश

Thu, 09 Aug 2018 04:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 09 Aug 2018 04:22 PM IST
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phd entrance will be start soon in urdu university
कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा का छह माह का कार्यकाल पूरा - फोटो : amarujala
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय में जल्द पीएचडी के प्रवेश शुरू होंगे। विवि ने पीएचडी आर्डिनेंस संशोधित कर शासन को भेजा है, जल्द इस पर हरी झंडी मिल जाएगी। इसके बाद विवि इस सत्र में भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
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यह जानकारी कुलपति प्रो. माहरूख मिर्जा ने छह माह का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि इसी सत्र से विवि में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू हो रहा है।
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विद्यार्थी किसी अन्य विषय का एक पेपर लेकर पढ़ाई कर सकेंगे। छात्र-छात्राओं को वाई-फाई की सुविधा देने का प्रयास है। वहीं, रूसा से मिले 20 करोड़ से नई लैब बन रही है। 10 करोड़ से लैंग्वेज लैब का काम चल रहा है।
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संस्कृत के अलावा कई भाषाओं, कुछ विदेशी लैंग्वेज की पढ़ाई कराई जाएगी। इस बार ईरान के आठ विद्यार्थियों ने परसियन के पीजी कोर्स में प्रवेश लिया है। जीएसटी के सर्टिफिकेट कोर्स में भी 20 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है।
 

प्रदेश सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग

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कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा - फोटो : amarujala
प्रो. मिर्जा ने बताया कि इस बार सर्वाधिक 851 प्रवेश हुए हैं। अभी प्रक्रिया चल रही है। शासन से फीस कम करने का प्रस्ताव पास हो जाता है तो यह संख्या 1000 हो जाएगी। विश्वविद्यालय जल्द अल मुस्तफा अंतरराष्ट्रीय विवि, ईरान से लैंग्वेज लैब के लिए एमओयू करेगा।

बताया कि विवि ने यूजीसी में 12-बी में रजिस्ट्रेशन को आवेदन किया है। 16-17 अगस्त को टीम आ रही है। रजिस्ट्रेशन के बाद विवि के शिक्षकों, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। मुख्य मार्ग से विवि के बीच 14 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय को देने के लिए कवायद चल रही है।

एक सवाल के जवाब में कुलपति ने कहा, प्रदेश सरकार से विवि के विकास में पूरा सहयोग मिल रहा है। जब और जो प्रस्ताव भेजा, उस पर सकारात्मक विचार हुआ है। शासन की ओर से ग्रांट दी जा रही है। विवि के रुके प्रोजेक्ट पूरे किए जा रहे हैं। बजट की कोई समस्या नहीं है।

खुद को शिया पीजी कॉलेज से बर्खास्त किए जाने के मामले में प्रो. मिर्जा ने कहा यह कार्रवाई नियम के विपरीत है। मैंने नियमत: छुट्टी ली है और आगे की छुट्टी के लिए आवेदन भी। शासनादेश के अनुसार आवेदन पर 15 दिन में कोई आपत्ति न आने पर वह स्वीकृत माना जाएगा। मामले में मेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया है। इसकी भरपाई को कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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