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लखनऊ विश्वविद्यालय में काउंसलिंग के बदल गए नियम, यहां पढ़ें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:30 AM IST
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- फोटो : demo pic
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लखनऊ विश्वविद्यालय में अगले साल से स्नातक और परास्नातक की काउंसलिंग ऑनलाइन होगी। अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए कैंपस आने की जरूरत नहीं होगी। ट्रायल के लिए इस साल बीएलएड काउंसलिंग से इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। नई प्रणाली लागू होने के बाद विवि में काउंसलिंग के दौरान उमड़ने वाली भीड़ से मुक्ति मिल जाएगी।
लविवि ने इस साल बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में भी यह फॉर्मूला लागू किया है। काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों को अपने सभी प्रमाणपत्र स्कैन करके आवेदन के समय ही अपलोड करने हैं। इसके बाद ऑनलाइन प्रणाली से सीटें आवंटित की जाएंगी। सीट आवंटन पत्र डाउनलोड करने के बाद अभ्यर्थी को फीस जमा करके संबंधित कॉलेज जाना है।
अगले साल से यही प्रणाली लविवि स्नातक और परास्नातक काउंसलिंग में भी लागू हो जाएगी। अभ्यर्थी अपने सभी प्रमाणपत्र आवेदन के समय ही स्कैन करके अपलोड कर देगा। सीट आवंटित होने के बाद आवंटन पत्र के साथ अभ्यर्थी को ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। फीस जमा करके उसे निर्धारित अवधि में विभाग में रिपोर्ट करना होगा। इसके बाद खाली सीट पर दोबारा काउंसलिंग होगी।
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लविवि यह व्यवस्था बीए को छोड़कर अन्य पाठ्यक्रमों के लिए लागू करेगा। बीए में अलग-अलग विषय लेने की व्यवस्था होती है। अच्छी रैंक का अभ्यर्थी अपनी पसंद का कोई भी विषय ले सकता है। इतने ज्यादा विषय होने की वजह से बीए की ऑफ कैंपस काउंसलिंग कराना मुश्किल होगा।
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लविवि ने इस साल बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में भी यह फॉर्मूला लागू किया है। काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों को अपने सभी प्रमाणपत्र स्कैन करके आवेदन के समय ही अपलोड करने हैं। इसके बाद ऑनलाइन प्रणाली से सीटें आवंटित की जाएंगी। सीट आवंटन पत्र डाउनलोड करने के बाद अभ्यर्थी को फीस जमा करके संबंधित कॉलेज जाना है।
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अगले साल से यही प्रणाली लविवि स्नातक और परास्नातक काउंसलिंग में भी लागू हो जाएगी। अभ्यर्थी अपने सभी प्रमाणपत्र आवेदन के समय ही स्कैन करके अपलोड कर देगा। सीट आवंटित होने के बाद आवंटन पत्र के साथ अभ्यर्थी को ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। फीस जमा करके उसे निर्धारित अवधि में विभाग में रिपोर्ट करना होगा। इसके बाद खाली सीट पर दोबारा काउंसलिंग होगी।
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लविवि यह व्यवस्था बीए को छोड़कर अन्य पाठ्यक्रमों के लिए लागू करेगा। बीए में अलग-अलग विषय लेने की व्यवस्था होती है। अच्छी रैंक का अभ्यर्थी अपनी पसंद का कोई भी विषय ले सकता है। इतने ज्यादा विषय होने की वजह से बीए की ऑफ कैंपस काउंसलिंग कराना मुश्किल होगा।
रिपोर्टिंग के समय प्रमाणपत्रों का सत्यापन
डेमो
- फोटो : amar ujala
इसको देखते हुए विवि बीएससी, बीकॉम और परास्नातक पाठ्यक्रमों में इसे लागू करेगा। इन पाठ्यक्रमों में रैंक के आधार पर सेल्फ फाइनेंस या रेग्युलर सीट पर दाखिला लेना होता है। अलग-अलग विषय लेने की बाध्यता इस पाठ्यक्रम में नहीं होती। यही स्थिति बीएड में भी होती है।
ऑनलाइन ऑफ कैंपस काउंसलिंग में भी प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन होगा। अभ्यर्थी दाखिले के बाद जब रिपोर्ट करेंगे तो उनके प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। बीएड में भी दाखिले के बाद संबंधित कॉलेज में सभी प्रमाणपत्रों की जिम्मेदारी प्राचार्य की निगरानी में कराने का निर्देश दिया गया है।
ऑनलाइन ऑफ कैंपस काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को कैंपस बुलाकर परेशान करने की जरूरत नहीं होगी। वे घर बैठे अपने प्रमाणपत्र अपलोड कर देंगे। इसके बाद बीएड की तर्ज पर उनकी काउंसलिंग होकर सीट आवंटित हो जाएगी। अगले साल से बीए छोड़कर अन्य पाठ्यक्रमों के लिए यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। - प्रो. अनिल मिश्रा प्रवेश समन्वयक, लविवि
ऑनलाइन ऑफ कैंपस काउंसलिंग में भी प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन होगा। अभ्यर्थी दाखिले के बाद जब रिपोर्ट करेंगे तो उनके प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। बीएड में भी दाखिले के बाद संबंधित कॉलेज में सभी प्रमाणपत्रों की जिम्मेदारी प्राचार्य की निगरानी में कराने का निर्देश दिया गया है।
ऑनलाइन ऑफ कैंपस काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को कैंपस बुलाकर परेशान करने की जरूरत नहीं होगी। वे घर बैठे अपने प्रमाणपत्र अपलोड कर देंगे। इसके बाद बीएड की तर्ज पर उनकी काउंसलिंग होकर सीट आवंटित हो जाएगी। अगले साल से बीए छोड़कर अन्य पाठ्यक्रमों के लिए यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। - प्रो. अनिल मिश्रा प्रवेश समन्वयक, लविवि