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एकेटीयू के स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी, पढ़ें खबर...
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 03 Nov 2016 01:59 PM IST
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कानपुर विश्वविद्यालय के बाद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में भी डिग्री और माइग्रेशन के लिए स्टूडेंट्स को कैंपस के चक्कर नहीं काटना होगा। स्टूडेंट विवि की वेबसाइट पर आवेदन करके डाक के माध्यम से घर बैठे डिग्री और माइग्रेशन ले सकता है।
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वहीं, दूसरी ओर एलयू दो साल से डिग्री और माइग्रेशन ऑनलाइन देने का दावा ही कर रहा है। प्रदेश भर के स्टूडेंट्स को डिग्री और माइग्रेशन के लिए आज भी विवि के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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एलयू में एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होते हैं, लेकिन डिग्री और माइग्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन केवल दावों तक सीमित है।
दो साल पहले विवि ने सिंगल विंडो शुरू कर उसके दो महीने के भीतर स्टूडेंट्स को माइग्रेशन और डिग्री एक ही खिड़की पर देने का दावा किया। मगर, पूरा शैक्षिक सत्र बीत गया ऑनलाइन आवेदन आज भी दूर की कौड़ी है।
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शैक्षिक सत्र 2014-15 की शुरुआत पर विवि की वेबसाइट का नये सिरे से निर्माण शुरू हुआ था। दावा था कि वेबसाइट बनने के बाद स्टूडेंट्स को डिग्री और प्रोविजिनल के लिए विवि के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
वेबसाइट के माध्यम से स्टूडेंट्स कहीं से भी डिग्री आदि के लिए आवेदन कर सकेंगे और विवि उसकी डिग्री तैयार कर डाक से भेज देगा। आवेदन के समय ऑनलाइन फीस भुगतान की सुविधा देेने की बात कही गई थी।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के बाद दौड़-धूप से राहत
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सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत होने के बाद स्टूडेंट्स को एक ही विंडो पर आवेदन करने के बाद शाम तक माइग्रेशन और प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी हो जाता है, जबकि डिग्री के लिए स्टूडेंट्स को काफी समय देना पड़ता है।
डिग्री के लिए आवेदन करने के बाद स्टूडेंट्स को कई दिन इंतजार करना होता है। डिग्री छपी न होने की सूरत में उसे कई चक्कर लगाने पड़ जाते हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत बाहरी स्टूडेंट्स को होती है।
उन्हें एक बार आवेदन करने और उसके बाद डिग्री लेने के लिए चक्कर लगाने होते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के बाद उसे इस दौड़-धूप से राहत मिल सकती है। एलयू को बीते साल हुए नैक निरीक्षण में बी ग्रेड मिला था।
इसकी एक बड़ी वजह विवि की प्रयोगशाला, लाइब्रेरी के साथ ही स्टूडेंट्स को ऑनलाइन सुविधा और इंटरनेट कनेक्टिविटी न मिलना भी था। स्टूडेंट्स को डिग्री और माइग्रेशन जैसी चीजों के लिए ऑनलाइन सुविधा न मिलना आगे होेने वाले नैक के निरीक्षण में विवि का माइनस पॉइंट साबित हो सकता है।
‘दो साल पहले क्या हुआ था इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं। राज्यपाल के यहां हुई बैठक में परीक्षा सुधार के साथ ही ऑनलाइन डिग्री और माइग्रेशन सुविधा देने का मुद्दा भी हमारे एजेंडे में हैं। जल्द ही इसके रिजल्ट दिखाई देंगे।’- प्रो. एके शर्मा परीक्षा नियंत्रक, एलयू
डिग्री के लिए आवेदन करने के बाद स्टूडेंट्स को कई दिन इंतजार करना होता है। डिग्री छपी न होने की सूरत में उसे कई चक्कर लगाने पड़ जाते हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत बाहरी स्टूडेंट्स को होती है।
उन्हें एक बार आवेदन करने और उसके बाद डिग्री लेने के लिए चक्कर लगाने होते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के बाद उसे इस दौड़-धूप से राहत मिल सकती है। एलयू को बीते साल हुए नैक निरीक्षण में बी ग्रेड मिला था।
इसकी एक बड़ी वजह विवि की प्रयोगशाला, लाइब्रेरी के साथ ही स्टूडेंट्स को ऑनलाइन सुविधा और इंटरनेट कनेक्टिविटी न मिलना भी था। स्टूडेंट्स को डिग्री और माइग्रेशन जैसी चीजों के लिए ऑनलाइन सुविधा न मिलना आगे होेने वाले नैक के निरीक्षण में विवि का माइनस पॉइंट साबित हो सकता है।
‘दो साल पहले क्या हुआ था इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं। राज्यपाल के यहां हुई बैठक में परीक्षा सुधार के साथ ही ऑनलाइन डिग्री और माइग्रेशन सुविधा देने का मुद्दा भी हमारे एजेंडे में हैं। जल्द ही इसके रिजल्ट दिखाई देंगे।’- प्रो. एके शर्मा परीक्षा नियंत्रक, एलयू