लखनऊ यूनिवर्सिटी में शुरू होगी मेडिकल की पढ़ाई
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विश्वविद्यालय ने ड्रीम प्रोजेक्ट का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजे हैं। इसमें लाइब्रेरी, प्रयोगशाला और बुनियादी सुविधाओं पर भी यूनिवर्सिटी ने फोकस किया है।
इन प्रोजेक्ट पर 153.975 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। दरअसल उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय से अगले एक साल, तीन, सात और 13 साल के लिए मास्टर प्लान मांगा था।
एलयू इस साल से अपने यहां इंजीनियरिंग फैकल्टी स्थापित करने जा रहा है। प्रस्ताव में कहा गया है कि अगले सात साल में कृषि और मेडिकल फैकल्टी की स्थापना करने की योजना है।
उच्च शिक्षा विभाग को भेजा प्रस्ताव
कृषि और मेडिकल फैकल्टी की स्थापना के लिए दो-दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। केजीएमयू के अलग होने के बाद विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढ़ाई भी नहीं हो रही है।
वहीं एलयू में अभी कृषि या आयुर्वेद की पढ़ाई के लिए खुद की फैकल्टी नहीं है। इसके बावजूद शासन के आदेश की वजह से इस समय विश्वविद्यालय में कृषि और आयुर्वेद दोनों की पढ़ाई होती है।
बीकेटी स्थित चंद्र भानुगुप्त कृषि महाविद्यालय के साथ ही महेश प्रसाद डिग्री कॉलेज में भी कृषि की पढ़ाई होती है। इसी तरह राज्य सरकार के आदेश की वजह से राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय को लविवि से सहयुक्त कर दिया गया है।