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एकेटीयू में अब एमबीए-एमसीए इंटीग्रेटेड कोर्स, डुअल डिग्री नहीं

Thu, 06 Jul 2017 03:21 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Thu, 06 Jul 2017 03:21 PM IST
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mba and mca dual degree to be changed in integrated course
डेमो - फोटो : demo pic

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में सत्र 2012-13 से शुरू हुआ एमबीए-एमसीए ड्यूल डिग्री प्रोग्राम सत्र 2017-18 से इंटीग्रेटेड कोर्स (पांच वर्षीय) होगा।

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यानी स्टूडेंट्स को अब उसे पांच साल की पढ़ाई पूरी करने पर ही डिग्री मिलेगी। जबकि, पूर्व में तीन साल पूरा होने पर स्टूडेंट्स को एग्जिट करने की सुविधा थी और उन्हें बीबीए व बीसीए की डिग्री दी जाती थी। हालांकि यह नियमानुसार नहीं था।
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इसे लेकर एकेटीयू ने 2016-17 ने ऑल इंडिया काउंलिस फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) में आपत्ति दर्ज कराई थी। इसकी वजह से इस सत्र में प्रवेश भी नहीं हुआ।डिप्टी रजिस्ट्रार एके शुक्ला ने बताया कि एआईसीटीई बीबीए व बीसीए कोर्स चलाने की मान्यता नहीं देती है।
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ऐसे में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम चलाना ठीक नहीं था। उन्होंने बताया कि एकेटीयू को अप्रैल 2017 में पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स चलाने की अनुमति मिली है। अब एसईई में इंटर पास अभ्यर्थियों को बीटेक, बीफार्मा, बीआर्क के साथ एमबीए-एमसीए इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश का विकल्प दिया गया है।

कॉलेजों की कमाई के लिए फायदेमंद कोर्स

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डेमो - फोटो : demo pic
उन्होंने बताया कि एमसीए इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश के लिए इंटर लेवल पर गणित एक विषय होना जरूरी है। विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 22 कॉलेजों में इसके लिए 1,000 सीटें निर्धारित हैं।

पीजी लेवल पर चल रहा एमबीए-एमसीए कोर्स इसके साथ पूर्व की भांति चलता रहेगा। उधर, डीन यूजी प्रो. एसपी शुक्ला ने बताया कि नए कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही एकेटीयू की बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) ने एमबीए पहले साल के सिलेबस पर मुहर लगा दी है। 

एकेटीयू का यह कोर्स कॉलेजों के आर्थिक लाभ के लिए बेहतर है। पहले तो विवि के पूर्व अधिकारियों ने नियम के विपरीत यह कोर्स शुरू कर दिया। अब जब यह कोर्स इंटीग्रेटेड (पांच साल का) हो गया है। तो भी कॉलेजों के लिए ही फायदेमंद ही होगा। एक बार स्टूडेंट्स इसमें प्रवेश लेगा तो पांच साल तक निर्धारित शुल्क जमा करता रहेगा।
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