लखनऊ विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में शिक्षकों के अप्रूवल में नहीं चलेगी धांधली
आईटी कॉलेज प्रकरण से सबक लेते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय ने भविष्य में ऐसी कोई भी गड़बड़ी रोकने के लिए पहल की है। इसके तहत विवि प्रशासन अपने सभी संबद्ध कॉलेजों के लिए जल्द ही एक पोर्टल लॉन्च करेगा। सभी कॉलेजों को एक यूनिक आईडी-पासवर्ड दे दिया गया है। कॉलेज इसका प्रयोग कर अपने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कोर्सों आदि का विस्तृत ब्योरा अपलोड करेंगे। इस पोर्टल का लिंक विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
इससे कॉलेज कोई गलत जानकारी नहीं दे सकेंगे। वहीं विवि प्रशासन कॉलेजों से आसानी से कोई भी सूचनाएं ऑनलाइन साझा कर सकेगा। फिर चाहे किसी कॉलेज विशेष को सूचना भेजनी हो या सभी कॉलेजों को।
सूचनाएं पब्लिक डोमेन में भी दी जा सकेंगी और व्यक्तिगत भी भेजी जा सकेगी। विवि के निदेशक डाटा रिसोर्स सेंटर प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि इसके प्रभावी होने से कॉलेजों से सूचनाओं का आदान-प्रदान आसानी से हो सकेगा।
कॉलेज अपने विद्यार्थियों की जानकारी खुद भरेंगे तो इसमें गड़बड़ी की आशंका कम रहेगी। इसी डाटा का प्रयोग परीक्षा के समय भी किया जा सकेगा। इसके लिए बार-बार कॉलेजों को पत्र नहीं भेजना होगा। परीक्षा केंद्रों आदि की सूचनाएं भी भेजी जा सकेंगी।
शिक्षकों का एप्रूवल होगा ऑनलाइन
प्रो. मिश्रा ने बताया कि इसके अगले चरण में इसी पोर्टल के माध्यम से कॉलेजों के एप्रूवल, शिक्षकों के एप्रूवल आदि का काम भी किया जा सकेगा। इससे भ्रष्टाचार पर भी रोक लगाई जा सकेगी। विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध होने से उन्हें परीक्षा आदि के समय एक साथ सूचना भेजी जा सकती है।
131 कॉलेजों की मिलीं सूचनाएं
निदेशक डाटा रिसोर्स सेंटर ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की संख्या लगभग 170 है। इसमें से 131 कॉलेजों ने लॉगिन आईडी-पासवर्ड का प्रयोग कर अपने यहां की सूचनाएं साझा की हैं। अन्य कॉलेज, जिन्होंने आईडी-पासवर्ड नहीं लिया है वे डीन कॉलेज डवलपमेंट काउंसिल (सीडीसी) से इसे प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल का फायदा यह होगा कि कॉलेज अपनी सूचनाएं भी इस पर साझा कर सकेंगे।