लखनऊ विश्वविद्यालय ने शुरू किया गर्भ संस्कार पाठ्यक्रम, कोर्स में कुल 5 थ्योरेटिकल पेपर, 1 इंटर्नशिप
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लखनऊ विश्वविद्यालय में महिला अध्ययन संस्थान में पीजी डिप्लोगा इन गर्भ संस्कार के पाठ्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। विवि में पहली बार शुरू हुए इस पाठ्यक्रम में स्नातक, परास्नातक, शोध छात्र-छात्राओं के साथ ही गृहिणियां, आईवीएफ सेंटर संचालक तथा रिटायर्ड स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि यह कोर्स राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के सहयोग एवं प्रोत्साहन से शुरू हुआ है। महिला अध्ययन संस्थान की को-ऑर्डिनेटर डॉ. अर्चना शुक्ला के अनुसार इसकी प्रथम कक्षा का संचालन सोमवार को किया गया।
इसमें क्वीन मैरी, केजीएमयू लखनऊ की डॉ. अमिता पांडेय एवं आध्यात्मिक काउंसलर डॉ. शिवानी मिश्रा ने गर्भ संस्कार कोर्स की महत्ता एवं इसकी समाज में आवश्यकता पर व्याख्यान दिया। कोर्स में कुल 5 थ्योरेटिकल पेपर और एक इंटर्नशिप होगी। यह दो सेमेस्टर/ एक वर्ष का कोर्स है।
लविवि शुरू करेगा कंसल्टेंसी सेवा
लखनऊ विश्वविद्यालय अगले सप्ताह से मैनेजमेंट कंसल्टेंसी क्लीनिक की शुरुआत करने जा रहा है। इसमें विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम और छात्र मिलकर समाधान देगी। इसके लिए 500 रुपये शुल्क के साथ पंजीकरण कराया जा सकेगा।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विधि, रसायन विज्ञान जैसे सभी विभाग के विद्यार्थी इससे जुड़ सकेंगे। निजी, सरकारी और एनजीओ कोई भी संस्था इसमें पंजीकरण करा सकता है। उसके आधार पर सलाह दी जाएगी। इसके बाद अगर संस्थान कहते हैं तो उनके लिए अलग से उनकी समस्या पर स्टडी भी कराई जाएगी। कंसल्टेंसी की फीस 500 रुपये निर्धारित की गई है।