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डीएवी में फिर शुरू होगी एलएलबी की पढ़ाई

Mon, 10 Jul 2017 03:37 PM IST
amarujala.com, written by सचिन त्रिपाठी
amarujala.com, written by सचिन त्रिपाठी Updated Mon, 10 Jul 2017 03:37 PM IST
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llb course will be restart in dav college
डेमो - फोटो : demo pic
डीएवी पीजी कॉलेज में तीन साल बाद फिर से एलएलबी की पढ़ाई शुरू होगी। वर्ष 2013-14 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने शिक्षकों की कमी की चलते यहां एलएलबी की पढ़ाई पर रोक लगा दी थी। पिछले सप्ताह शिक्षकों की नियुक्ति के बाद बीसीआई की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण कर लिया है।
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उम्मीद है कि इसी महीने बीसीआई से अनुमति मिल जाएगी। इसी आधार पर एक अगस्त से फिर आवेदन फॉर्म जारी कर एलएलबी की 320 रेग्युलर सीटों पर दाखिले करने की तैयारी है। 
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यूपी के सबसे पुराने इस कॉलेज में विधि विभाग में शिक्षकों के सात स्थायी पद हैं। साल दर साल शिक्षक रिटायर होेते रहे, लेकिन भर्ती नहीं हुई। इसी कारण बीसीआई ने कॉलेज में एलएलबी की पढ़ाई पर रोक लगा दी थी। गाइडलाइन के अनुसार एलएलबी में 60 छात्र पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है।
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कॉलेज में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी, जो कोर्ट पहुंच गई। कुछ दिन पहले हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर लगा स्टे हटा लिया है। इस तरह से कॉलेज में तीन शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

बाकी के पदों पर भर्ती करने के लिए कॉलेज की तरफ से आयोग को पत्र भेजा गया है। कॉलेज प्राचार्य केके पांडेय के अनुसार, इस महीने के आखिर तक बीसीआई की अनुमति आने की संभावना है। इसलिए एक अगस्त से आवेदन फॉर्म जारी करने की तैयारी हैं।

तीन कॉलेजों में है एलएलबी रेगुलर

llb course will be restart in dav college
डेमो - फोटो : demo pic
यूपी के नाका क्षेत्र में स्थित वर्तमान में दयानंद एंग्लो वैदिक (डीएवी) कॉलेज की स्थापना 1918 में गणेशगंज से हुई थी। उस समय इसे एक स्कूल के रूप में आर्य समाज मंदिर में शुरू किया गया था।

1926 में इस भवन में इसे शिफ्ट किया गया। कॉलेज में इस समय बीए की 500, बीएससी 350, एलएलबी की 320 सीटें हैं। ये सभी रेग्युलर हैं।, जबकि एमए एआईएच में 60 सीटें हैं।

लविवि, शिया पीजी और जेएनपीजी के बाद सिर्फ डीएवी कॉलेज में ही एलएलबी की रेग्युलर पढ़ाई होती है। हालांकि विवि केे अलावा अन्य कॉलेजों में भी शिक्षकों के पद खाली होने की वजह से पढ़ाई मुश्किल से हो पा रही है।

‘कॉलेज में तीन शिक्षकों की भर्ती पर लगी रोक समाप्त हो गई है। एक शिक्षक पहले से ही है। बाकी की नियुक्ति की जाएगी। बीसीआई की टीम कॉलेज के निरीक्षण से संतुष्ट थी। इसलिए उम्मीद है कि  इस साल से दाखिले की अनुमति मिल जाएगी। सभी 320 सीट रेग्युलर हैं इसका स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा।’ -डॉ. केके पांडेय, प्राचार्य, डीएवी पीजी कॉलेज 
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