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बीए में हर विद्यार्थी को पढ़ना होगा भाषा, विज्ञान और संस्कृति का पेपर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 19 Mar 2018 04:04 PM IST
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए के हर विद्यार्थी को अब भाषा, विज्ञान और संस्कृति की पढ़ाई अनिवार्य रूप से करनी होगी। एलयू में नए सत्र से पूरी तरह से सेमेस्टर प्रणाली लागू करने के मुद्दे पर कला संकाय में बनाई गई समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसकी सिफारिश की है। रिपोर्ट में इंटरनल असेसमेंट पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
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कला संकाय के डीन इस रिपोर्ट के आधार पर 20 मार्च को सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में बीए के सिलेबस तथा ओएमआर पर परीक्षा कराने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।
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इसके बाद बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में सिलेबस पर मुहर लगाई जाएगी। लविवि में स्नातक कक्षा में शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू होने वाली सेमेस्टर प्रणाली में हर पेपर में 80 नंबर की थ्योरी और 20 नंबर का सेशनल होना है।
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20 में से 10 नंबर इंटरनल एसेसमेंट के होंगे। बाकी के 10 प्रोजेक्ट के साथ ही अन्य गतिविधियां के लिए निर्धारित होंगे। कला संकाय के डीन प्रो. पीसी मिश्रा ने इसके लिए समिति का गठन किया था।
समिति ने अपनी रिपोर्ट थ्योरी के अलावा सेशनल के लिए विभिन्न गतिविधियों और विषयों की पढ़ाई का प्रस्ताव दिया है। इनमें फर्स्ट इयर में भाषा कौशल के लिए हिंदी और अंग्रेजी की अनिवार्य रूप से पढ़ाई करने का प्रस्ताव दिया है।
सेकंड ईयर में समाज, पर्यावरण और संस्कृति पर आधारित पेपर की पढ़ाई होगी। अंतिम वर्ष में विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा जाएगा। वहीं सेमेस्टर प्रणाली में बहुविकल्पीय सवालों से ओएमएआर पर परीक्षा कराने के प्रस्ताव पर विशेष रूप से कला संकाय के शिक्षकों में खींचतान मची है।
इस पर आम राय न बन पाने की वजह से डीन ने प्रो. पल्लवी भटनागर की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। इसके बावजूद इस पर आम राय बनती नहीं दिख रही है। इसलिए यह मामला परीक्षा समिति को भेजा जा सकता है।