{"_id":"6264edbcc579c85fa877b289","slug":"knowledge-is-a-main-power-in-today-s-world-says-governor-of-keral-arif-mohammad-khan","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ विश्वविद्यालय: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बोले- आधुनिक युग में ज्ञान ही असली शक्ति","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
लखनऊ विश्वविद्यालय: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बोले- आधुनिक युग में ज्ञान ही असली शक्ति
Sun, 24 Apr 2022 03:16 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 24 Apr 2022 03:16 PM IST
सार
केरल के राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया में अकेली संस्कृति है जो न तो नस्ल, न भाषा न आस्था की अभिव्यक्ति के तरीके से परिभाषित होती है। भारतीय संस्कृति की शिक्षा यह है कि वह सबको अपने आप में देखता है और सबमें अपने आप को देखता है।
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और कुलपति आलोक राय।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
छात्रों को ज्यादा से ज्यादा ज्ञान हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। अगर आपके पास प्रतिभा, ज्ञान और जानकारी है तो आज के युग में ऐसे व्यक्ति को कोई अनदेखा नहीं कर सकता। आधुनिक युग में ज्ञान ही असली शक्ति है। यह बात केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कही। मौका था लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में लोक अधिकार मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम का। इसमें पूर्व छात्र व एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य अनिल सिंह द्वारा लिखित पुस्तक मेरी अशेष यात्रा के विमोचन के दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित किया। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने की।
विज्ञापन
इस अवसर पर केरल के राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया में अकेली संस्कृति है जो न तो नस्ल, न भाषा न आस्था की अभिव्यक्ति के तरीके से परिभाषित होती है। भारतीय संस्कृति की शिक्षा यह है कि वह सबको अपने आप में देखती है और सबमें अपने आप को देखता है। ऐसी शिक्षा में कभी कहीं बैर के लिए जगह ही नहीं हैं। उन्होंने अनिल सिंह का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनकी आमंत्रण की वजह से आज वे अपने विश्वविद्यालय के सभागार में उपस्थित हुए हैं।
विज्ञापन
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि किताब के कुछ पन्ने पढ़कर लगा कि यह किताब तो मेरे लिए लिखी गई है। मैं इससे अपने आप को अलग नहीं कर पा रहा हूं। इस किताब में विवि प्रवेश से लेकर अब तक का इतिहास दर्ज है। उन्होंने विश्वविद्यालय में बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि हम इनके साथ पीजी ब्लॉक से वीसी ऑफिस तक पैदल ही 25 चक्कर काट लेते थे। उन्होंने हॉस्टल व मेस में बिताए दिनों और अनुभवों का साझा किया। कैंटीन की आंटी जो दिनभर चाय बनाती थी और उसको सर्व करने वाले जमशेद को भी याद किया।
विज्ञापन
पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि गोमती सफाई अभियान में अनिल सिंह का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उनके इस पुस्तक में अभी तक का सारा अनुभव और लोगों की बारीक समझ होगी। इससे समाज को लाभ मिलेगा।