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एसईईः सरकारी व निजी कॉलेजों में अलग-अलग काउंसलिंग पर जोर
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 08 Mar 2017 03:12 PM IST
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बैठक करते कुलपति व अन्य अधिकारी
- फोटो : amar ujala
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एसईई की काउंसलिंग पर एकेटीयू प्रशासन की बैठक में निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने दाखिले के लिए सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में अलग-अलग काउंसलिंग पर जोर दिया है।
इसके साथ ही, उन्होंने निजी कॉलेजों की रिक्त सीटों पर पूर्व की भांति मेरिट से प्रवेश के नियम को बहाल करने की भी मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन पर सुझाव लेने के लिए एक कमेटी बनाई है।
मंगलवार को विश्वविद्यालय के तिलक हाल में आहूत बैठक में कॉलेज प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी संस्थानों की काउंसलिंग वर्ष-2016 की भांति कई चरणों में और निजी कॉलेजों की काउंसलिंग एक चरण में करवाई जानी चाहिए।
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फिर, बची सीटों पर मेरिट निर्धारण कर प्रवेश लेने की छूट देनी चाहिए। बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा इसी मुद्दे पर हुई। कहा गया कि इन सीटों पर प्रवेश के लिए किसी भी राज्य की प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने की बाध्यता से राहत देना जरूरी है।
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इसके साथ ही, उन्होंने निजी कॉलेजों की रिक्त सीटों पर पूर्व की भांति मेरिट से प्रवेश के नियम को बहाल करने की भी मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन पर सुझाव लेने के लिए एक कमेटी बनाई है।
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मंगलवार को विश्वविद्यालय के तिलक हाल में आहूत बैठक में कॉलेज प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी संस्थानों की काउंसलिंग वर्ष-2016 की भांति कई चरणों में और निजी कॉलेजों की काउंसलिंग एक चरण में करवाई जानी चाहिए।
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फिर, बची सीटों पर मेरिट निर्धारण कर प्रवेश लेने की छूट देनी चाहिए। बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा इसी मुद्दे पर हुई। कहा गया कि इन सीटों पर प्रवेश के लिए किसी भी राज्य की प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होने की बाध्यता से राहत देना जरूरी है।
सुझाव एकत्र करने के लिए बनाई कमेटी
डेमो
- फोटो : demo pic
इसके चलते ही पिछली बार काफी सीटें खाली रह गई थीं। कॉलेजों की मांग पर विश्वविद्यालय ने इन पर सुझाव एकत्र करने के लिए एक कमेटी बनाई है, जिसमें निजी संस्थानों के प्रतिनिधि देवमूर्ति, जगदीश गुलाटी व अंबिका मिश्रा शामिल हैं।
कमेटी के सुझावों को शासन के पास भेजा जाएगा। काउंसलिंग का शेड्यूल तय करने के लिए अलग बैठक बुलाई जाएगी। एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि छात्रों की समस्या के हल को बने ग्रिवांस पोर्टल पर अब तक दर्ज 6050 शिकायतों में 4050 का निराकरण कर दिया गया है।
बैठक में रजिस्ट्रार पवन कुमार गंगवार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. जेपी पांडेय, यूपीएसईई समन्वयक प्रो. कुलदीप सहाय, डीन व संबद्ध संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कमेटी के सुझावों को शासन के पास भेजा जाएगा। काउंसलिंग का शेड्यूल तय करने के लिए अलग बैठक बुलाई जाएगी। एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि छात्रों की समस्या के हल को बने ग्रिवांस पोर्टल पर अब तक दर्ज 6050 शिकायतों में 4050 का निराकरण कर दिया गया है।
बैठक में रजिस्ट्रार पवन कुमार गंगवार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. जेपी पांडेय, यूपीएसईई समन्वयक प्रो. कुलदीप सहाय, डीन व संबद्ध संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।