आईआईएम दीक्षांत समारोह: किसी की खूबियों को पहचानें और सराहना करें, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के अध्यक्ष ने दिए सुझाव
कोरोना संक्रमण के कारण आईआईएम लखनऊ का 35वां दीक्षांत समारोह ऑनलाइन आयजित किया गया। कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के अध्यक्ष (इंडिया) डॉ. जन्मेजय सिन्हा ने संबोधित किया।
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बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के अध्यक्ष (इंडिया) डॉ. जन्मेजय सिन्हा ने कहा है कि आज के समय मे यह बहुत महत्वपूर्ण है कि किसी के काम की सराहना कैसे की जाए। हम किसी की खूबियों को पहचानें और उसके काम की सराहना करें। किसी के काम की कैसे सराहना की जाए, यह भी एक कला है। वे आईआईएम लखनऊ के 35वे दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। समारोह में 646 विद्यार्थियों को डिग्री व 08 विद्यार्थियों को ऑनलाइन मेडल प्रदान किए गए।
डॉ. जन्मेजय ने बताया कि यह विशेषता उन्होंने आरबीआई के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सत्यानंद से सीखी है। उन्होंने बताया कि यह एक बहुत ही साधारण क्रिया है, साधारण व्यवहार है। लेकिन इससे आप किसी के दिल में आजीवन जगह बना सकते हैं। ऐसे ही सफल मंत्रों की वजह से भावी प्रबंधन के गुरु न केवल अपने क्षेत्र में जगह बना सकते हैं, बल्कि किसी के दिल मे जगह भी बना सकते हैं।
कोविड संक्रमण काल की वजह से ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम में संस्थान की निदेशक प्रो. अर्चना शुक्ला ने कहा कि गत वर्ष संस्थान के लिए यह उपलब्धि रही कि पब्लिक पॉलिसी के लिए यह एक केंद्र के रूप में विकसित हुआ। रायशुमारी और शोध के लिए इस केंद्र को वरीयता मिली। संस्थान में जो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया गया वह भविष्य में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में जगह बना पाएगा। इसकी वजह से महामारी काल में भी संस्थान ने अपने रायशुमारी और शोध से महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने भावी प्रबंधकों को सलाह दी कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी उपयोगिता उतनी ही ज्यादा है, जितनी अन्य की है। ऐसे में खुद को समय के अनुरूप तैयार करें। हमारे इनक्यूबेटर ने भी इस दौरान काफी अच्छा काम किया है। कोविड काल की चुनौती को हमने स्वीकार कर बेहतर प्रयास किया है। आईआईटी कानपुर के साथ भी मिलकर काम कर रहे हैं। विद्यार्थी भी आने वाली चुनौती के लिए खुद को तैयार रखें।
महामारी ने दी एक साथ मिलकर काम करने की सीख
आईआईएम लखनऊ के बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन एन चंद्रशेखर ने कहा कि इस महामारी ने हमको एक महत्वपूर्ण सीख दी है कि- कैसे एक साथ मिलकर कार्य किया जा सकता है और इस महामारी के खिलाफ लड़ा जा सकता है।
कोविड काल में स्वास्थ्य सेवाओं, दवा, ऑक्सीजन आदि की दिक्कतें हुई लेकिन सब मिलकर इसके लिए लड़े और हमें जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन सेफ है, सभी प्राथमिकता के साथ इसे कराएं। उन्होंने एक अच्छे हेल्थ केयर सिस्टम व सप्लाई चेन की जरूरत बताई। समारोह में अतिथियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन डिग्री व मेडल प्रदान किये। निदेशक प्रो. शुक्ला ने सभी का आभार जताया।