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लखनऊ विश्वविद्यालय: हॉस्टल में लड़कियों के शॉर्ट्स व घुटने से ऊपर तक के कपड़े पहनने पर रोक, विवि ने पल्ला झाड़ा

Thu, 18 Mar 2021 06:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 18 Mar 2021 06:16 PM IST
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Girls not allowed for wearing shorts in hostel of Lucknow University.
- फोटो : amar ujala
लखनऊ विश्वविद्यालय के तिलक गर्ल्स छात्रावास के प्रोवोस्ट के नाम से जारी एक नोटिस बृहस्पतिवार को विवादों में आ गई है। प्रोवोस्ट की ओर से जारी इस नोटिस में ‘छात्राओं को हॉस्टल परिसर में कमरे से बाहर शॉर्ट्स, घुटनों से ऊपर कपड़े, मिनी स्कर्ट, माइक्रो स्कर्ट न पहनने को कहा गया है। छात्राओं को स्पैगेटी या वल्गर टॉप्स भी न पहनने को कहा गया है। अगर कोई छात्रा ऐसा करती है तो उस पर 100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।’
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17 मार्च को जारी यह नोटिस बृहस्पतिवार को सुबह ही ट्वीटर पर किसी ने ट्वीट कर दी। थोड़ी देर बाद छात्रों की तरफ से इसे वाट्सअप ग्रुपों पर साझा कर विवि में छात्राओं पर अनावश्यक पाबंदी लगाने और जुर्माना वसूलने का आरोप लगाया। कहा गया कि गेस्ट चार्ज के नाम पर भी छात्राओं से जुर्माना लिया जा रहा है। हॉस्टल में थोड़ी भी देर से आने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। कुछ ही देर में यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
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छात्राएं सोशल मीडिया पर भी इसकी आलोचना करने लगी। उन्होंने कहा कि परिसर में मिशन शक्ति का नारा बेमानी है। कुछ ही देर में यह नोटिस हॉस्टल और परिसर में छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस तरह की किसी भी नोटिस जारी करने की बात से इंकार किया। इसके बाद भी छात्रों की ओर से इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर काफी उछाला गया है।
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प्रोवोस्ट व चीफ प्रोवोस्ट ने कहा नहीं जारी की कोई नोटिस
हॉस्टल प्रोवोस्ट डॉ. भुवनेश्वरी भारद्वाज ने कहा कि उनकी तरफ  से इस तरह की कोई नोटिस नहीं जारी की गई है। यह किसी की शरारत है। अगर कोई नोटिस जारी की गई होती तो वो टाइप करके और सिग्नेचर के साथ लगाई जाती है। इस तरह पेन से लिखकर सादे कागज पर नहीं। चीफ प्रोवोस्ट प्रो. नलिनी पांडेय ने भी इस तरह की किसी नोटिस को जारी करने से इंकार किया।


छात्राओं के साथ बढ़ी टोकाटाकी का तो परिणाम नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार हाल के दिनों में छात्रावास में छात्राओं के साथ थोड़ी सख्ती की गई है। हॉस्टल के विजिटिंग रूम में उन्हें ही आने की अनुमति दी जा रही है, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने आवेदन फार्म में परिजन के रूप में किया है। इतना ही नहीं उन्हें शाम 07 बजे तक हर हाल में हॉस्टल आने के लिए कहा गया है। जबकि छात्राएं इस समय को बढ़ाकर 08-09 करने की मांग कर रही हैं। चर्चा यह भी है कि इसी टोकाटाकी का परिणाम यह नोटिस है।


 
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