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लखनऊ के इन कॉलेजों में शुरू होंगे नए कोर्स, यहां देखें पूरी डिटेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 10 Dec 2018 03:07 PM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त अनुदानित कॉलेजों में अगले सत्र से विद्यार्थियों के लिए स्नातक, परास्नातक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में भी दाखिले के मौके बढ़ेंगे। श्री जेएनपीजी, डीएवी, कालीचरण और नवयुग कन्या महाविद्यालय जैसे कॉलेजों ने लविवि में एमएससी, एमकॉम जैसे विषयों की सहयुक्तता के लिए आवेदन किए हैं।
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कॉलेजों की ओर से नए विषयों की सहयुक्तता के आवेदन मिलने के बाद लविवि इनके स्थलीय निरीक्षण की तैयारी कर रहा है। इसके बाद नये पाठ्यक्रमों को मान्यता दे दी जाएगी।
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जेएनपीजी में शुरू होंगे चार नये कोर्स
विद्यार्थी संख्या और पाठ्यक्रमों के मामले में राजधानी के सबसे बड़े महाविद्यालय में अगले सत्र से चार नये पाठ्यक्रम शुरू होंगे। जेएनपीजी कॉलेज ने इसके लिए आवेदन कर दिया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसडी शर्मा ने बताया कि प्रबंधन समिति की सहमति के बाद एमएससी मैथ्स, एमएससी जूलॉजी, एमए राजनीतिशास्त्र और बीएससी-स्टैट के लिए आवेदन किया गया है।
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महाविद्यालय में इसके अलावा परास्नातक स्तर पर अन्य प्रमुख विषयों की पढ़ाई होती है।
नवयुग कॉलेज में शुरू होगी एमकॉम की पढ़ार्ई
डेमो
- फोटो : डेमो
नवयुग कन्या महाविद्यालय में अगले सत्र से एमकॉम की पढ़ाई शुरू होने की पूरी संभावना है। नवयुग कन्या महाविद्यालय आईटी कॉलेज के बाद छात्राओं की पहली पसंद है। छात्रा संख्या के मामले में भी यह कॉलेज शीर्ष पर है।
अभी तक कॉलेज में सिर्फ बीकॉम की पढ़ाई हो रही है। एमकॉम की पढ़ाई के लिए उन्हें लविवि या फिर अन्य कॉलेज में संपर्क करना होता था। नवयुग को छोड़कर अन्य संस्थानों में सह-शिक्षण की व्यवस्था है। इस वजह से भी कई छात्राएं एमकॉम में दाखिला नहीं लेती हैं।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव के अनुसार बीकॉम करने वाली काफी छात्राएं एमकॉम करना चाहती हैं। कॉलेज में यह सुविधा नहीं थी। इसलिए छात्राओं को इधर-उधर भटकना पड़ता था। इसको देखते हुए अब कॉलेज प्रबंधन ने एमकॉम की पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया। इसके लिए विवि में आवेदन कर दिया गया है। विवि ने निरीक्षण के लिए पैनल भी दे दिया है।
अभी तक कॉलेज में सिर्फ बीकॉम की पढ़ाई हो रही है। एमकॉम की पढ़ाई के लिए उन्हें लविवि या फिर अन्य कॉलेज में संपर्क करना होता था। नवयुग को छोड़कर अन्य संस्थानों में सह-शिक्षण की व्यवस्था है। इस वजह से भी कई छात्राएं एमकॉम में दाखिला नहीं लेती हैं।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव के अनुसार बीकॉम करने वाली काफी छात्राएं एमकॉम करना चाहती हैं। कॉलेज में यह सुविधा नहीं थी। इसलिए छात्राओं को इधर-उधर भटकना पड़ता था। इसको देखते हुए अब कॉलेज प्रबंधन ने एमकॉम की पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया। इसके लिए विवि में आवेदन कर दिया गया है। विवि ने निरीक्षण के लिए पैनल भी दे दिया है।
डीएवी कॉलेज में अब बीकॉम की पढ़ाई
ignou students
वर्ष 1918 में स्थापित दयानंद एंग्लो वैदिक (डीएवी) कॉलेज में अब बीकॉम की पढ़ाई भी होगी। कॉलेज मेें फिलहाल बीए और बीएससी के साथ ही एलएलबी की पढ़ाई होती है। बीकॉम की मांग को देखते हुए कॉलेज ने इसके लिए आवेदन कर दिया है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केके पांडेय ने बताया कि कॉलेज में हर साल काफी विद्यार्थी बीकॉम की पढ़ाई के लिए संपर्क करते हैं। बीकॉम की मांग को देखते हुए प्रबंधन ने यह पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। विवि से निरीक्षण पैनल मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केके पांडेय ने बताया कि कॉलेज में हर साल काफी विद्यार्थी बीकॉम की पढ़ाई के लिए संपर्क करते हैं। बीकॉम की मांग को देखते हुए प्रबंधन ने यह पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। विवि से निरीक्षण पैनल मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कालीचरण कॉलेज में अब बीजेएमसी और बीबीए
डेमो
- फोटो : डेमो
चौक स्थित कालीचरण पीजी कॉलेज में नये सत्र से बीजेएमसी और बीबीए की पढ़ाई शुरू होनी है। इन पाठ्यक्रमों के लिए कॉलेज ने पिछले सत्र में ही आवेदन किया था। पैनल मिलने में देरी होने की वजह से पिछले सत्र में इसके दाखिले नहीं हो सके थे।
ऐसे में इस साल दाखिले होने की पूरी संभावना है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र सिंह के अनुसार परंपरागत पाठ्यक्रमों के साथ ही प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की मांग बढ़ती जा रही है। इसलिए महाविद्यालय ने नये पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है।
ऐसे में इस साल दाखिले होने की पूरी संभावना है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र सिंह के अनुसार परंपरागत पाठ्यक्रमों के साथ ही प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की मांग बढ़ती जा रही है। इसलिए महाविद्यालय ने नये पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है।