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लखनऊ विश्वविद्यालय में शामिल हुए चार जनपदों के कॉलेज, कार्यपरिषद में मंजूरी

Thu, 31 Dec 2020 03:48 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 31 Dec 2020 03:48 PM IST
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Four district colleges have been included in Lucknow University.
- फोटो : अमर उजाला

लखनऊ विश्वविद्यालय से अब हरदोई, लखीमपुर, सीतापुर और रायबरेली के कॉलेज आधिकारिक रूप से सहयुक्त हो गए हैं। विवि में बुधवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में इन जनपदों के कॉलेजों को लविवि का हिस्सा स्वीकार कर लिया गया।

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शासन ने इससे संबंधित आदेश पहले ही जारी कर दिया है। कार्य परिषद में इसके साथ ही अटल बिहारी बाजपेयी नगर निगम डिग्री कॉलेज समेत कई कॉलेजों की मान्यता स्थायी करने, विभिन्न शिक्षकों के प्रमोशन संबंधी लिफाफे खोलने, लविवि की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी देने समेत कई अहम मुद्दे रखे गए।
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कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में सदस्यों को चार जनपद के कॉलेज जुड़ने की सूचना दी गई। अब इन कॉलेजों के सभी काम लविवि से ही होंगे। इसके साथ ही स्थापना के 17 साल बाद अटल बिहारी बाजपेयी नगर निगम डिग्री कॉलेज को स्थायी मान्यता दी गई। अभी तक कॉलेज में नियमित प्राचार्य नहीं था इसलिए इसे स्थायी मान्यता नहीं दी गई थी।
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प्राचार्य के रूप में डॉ. एससी पांडेय का चयन होने के बाद इसे स्थायी मान्यता मिल गई। बैठक में लविवि की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई। वहीं कार्य परिषद ने नवयुग कन्या महाविद्यालय के ऊपर लगाया गया एक लाख रुपये के अर्थदंड को वापस लेने से मना कर दिया। यह अर्थदंड निर्धारित अवधि में पाठ्यक्रम स्थायी न कराने पर लगाया गया है।

चुनौती मूल्यांकन को भी मंजूरी

कार्य परिषद ने चुनौती मूल्यांकन को मंजूरी दे दी। अब विद्यार्थी अपने अंक से असंतुष्ट होने पर चुनौती मूल्यांकन करा सकेंगे। इसके तहत 20 फीसदी से ज्यादा अंतर होने पर विद्यार्थी के अंक बढ़ाने के साथ ही शिक्षक पर कार्रवाई भी की जाएगी।

53 शिक्षकों का प्रमोशन
लविवि में बुधवार का दिन शिक्षकों के लिए काफी अच्छी खबर वाला रहा। एक तरफ जहां शिक्षकों को शोध से संबंधित पुरस्कार दिए गये तो वहीं दूसरी ओर एक साथ 53 शिक्षकों के प्रमोशन संबंधी लिफाफे खोले गए। इनमें से कई शिक्षक तो ऐसे थे जिनका प्रमोशन 10 साल से ज्यादा अवधि से अटका हुआ था।

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