फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   five lakh fine on three private college of lucknow university

तीन सहयुक्त कॉलेजों पर स्थायी मान्यता न लेने पर पांच लाख जुर्माना

Sat, 19 May 2018 05:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 19 May 2018 05:38 PM IST
विज्ञापन
five lakh fine on three private college of lucknow university
lucknow university - फोटो : amar ujala

लखनऊ विश्वविद्यालय ने निर्धारित अवधि में स्थायी मान्यता न लेने पर तीन कॉलेजों पर कुल पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कॉलेजों को तीन दिन के भीतर यह राशि विवि में जमा करनी होगी।

विज्ञापन


ऐसा न करने पर कॉलेज इस साल बीएड दाखिले नहीं ले सकेंगे। विवि ने एचएलवाई डिग्री कॉलेज और स्वतंत्र गर्ल्स डिग्री कॉलेज पर एक-एक लाख रुपये, जबकि डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ एजुकेशन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन


लविवि ने 19 जून को हुई कार्य परिषद की बैठक में कॉलेज को स्थायी मान्यता लेने के लिए अधिकतम सात साल की अवधि निर्धारित की है। विवि में कॉलेज को तीन साल की अस्थायी सहयुक्तता देने का नियम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद उसे सभी शर्त पूरी करके स्थायी सहयुक्तता लेनी होती है। मगर देखने में आया है कि कॉलेज अस्थायी मान्यता के सहारे ही पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इसलिए कार्य परिषद ने जुर्माना लगाने का प्रावधान शुरू किया है।

एचएलवाई डिग्री कॉलेज और स्वतंत्र गर्ल्स डिग्री कॉलेज को अस्थायी मान्यता लेकर बीएड पाठ्यक्रम संचालित करते हुए चार साल हो गए। वहीं डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ एजुकेशन अस्थायी मान्यता के सहारे सात साल से बीएड पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। इसलिए इस कॉलेज पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

कॉलेज में कई कमियां

डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने विवि के पास स्थायी सहयुक्तता के लिए प्रस्ताव भी दिया था। लविवि ने निरीक्षण के बाद कॉलेज में अलग-अलग प्रयोगशाला न होने, आर्ट-क्राफ्ट के कमरे छोटे होेने, स्पोर्ट्स रूम छोटे होेने, पेयजल और शौचालय की खराब व्यवस्था तथा अग्निशमन के उपकरण पर्याप्त न होने की बात कहते हुए आपत्ति लगाई है।

जुर्माना भरने पर ही सत्र विस्तारण

कॉलेज को निर्धारित अवधि में स्थायी सहयुक्तता लेना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि में सहयुक्तता न लेने पर कॉलेज पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके अनुपालन में तीन कॉलेजों पर जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि तीन दिन के भीतर जमा करने पर ही अगले सत्र के लिए सत्र विस्तारण दिया जाएगा।
प्रो. राजकुमार सिंह
कुलसचिव, लविवि
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed