{"_id":"5b2e22b04f1c1bf16e8b9643","slug":"fee-of-phd-hiked-in-lucknow-university","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"LU: पीजी और पीएचडी की भी बढ़ी फीस, आठ से 32 फीसदी तक का इजाफा","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
LU: पीजी और पीएचडी की भी बढ़ी फीस, आठ से 32 फीसदी तक का इजाफा
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 24 Jun 2018 02:46 AM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ विश्वविद्यालय ने स्नातक के साथ ही पीजी, एमफिल और पीएचडी की भी फीस बढ़ा दी है। परास्नातक की फीस में जहां आठ से 29 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है, वहीं पीएचडी की फीस में 32 फीसदी से भी ज्यादा वृद्धि हुई है। बढ़ी फीस वित्त समिति और कार्य परिषद से पास हो चुकी है।
हालांकि अभी इसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है। परास्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग चार जुलाई से प्रस्तावित है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक फीस की सूची विवि की वेबसाइट पर अपडेट कर दी जाएगी।
लविवि प्रशासन ने सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस छह साल से न बढ़ने की बात कहते हुए इसमें 15 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद स्नातक स्तर पर साल में दो बार परीक्षा होने की वजह से परीक्षा फीस में 60 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। स्नातक के साथ ही विवि ने परास्नातक पाठ्यक्रमों की फीस का जो नया प्रारूप तैयार किया है उसमें भी बीते साल के मुकाबले काफी अंतर आ रहा है।
विज्ञापन
विवि के रेगुलर परास्नातक पाठ्यक्रमों की बात करें तो एमए, एमकॉम और एमएससी तीनों की फीस में बढ़ोत्तरी हो रही है। इन पाठ्यक्रमों में पहले से ही सेमेस्टर प्रणाली लागू है। इसलिए दो बार परीक्षा कराने का तर्क यहां पर लागू नहीं होता है। इसके बावजूद फीस में 29 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह पीएचडी और डी. लिट् की फीस में भी पहले के मुकाबले 31.66 फीसदी वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
हालांकि अभी इसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है। परास्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग चार जुलाई से प्रस्तावित है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक फीस की सूची विवि की वेबसाइट पर अपडेट कर दी जाएगी।
विज्ञापन
लविवि प्रशासन ने सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस छह साल से न बढ़ने की बात कहते हुए इसमें 15 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद स्नातक स्तर पर साल में दो बार परीक्षा होने की वजह से परीक्षा फीस में 60 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। स्नातक के साथ ही विवि ने परास्नातक पाठ्यक्रमों की फीस का जो नया प्रारूप तैयार किया है उसमें भी बीते साल के मुकाबले काफी अंतर आ रहा है।
विज्ञापन
विवि के रेगुलर परास्नातक पाठ्यक्रमों की बात करें तो एमए, एमकॉम और एमएससी तीनों की फीस में बढ़ोत्तरी हो रही है। इन पाठ्यक्रमों में पहले से ही सेमेस्टर प्रणाली लागू है। इसलिए दो बार परीक्षा कराने का तर्क यहां पर लागू नहीं होता है। इसके बावजूद फीस में 29 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह पीएचडी और डी. लिट् की फीस में भी पहले के मुकाबले 31.66 फीसदी वृद्धि हुई है।
स्नातक में 74 फीसदी तक बढ़ी फीस
डेमो
स्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस 74 फीसदी तक बढ़ चुकी है। बीएससी के ज्यादातर ग्रुप की फीस में 66.89 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। सबसे ज्यादा बढ़ी फीस कंप्यूटर साइंस विषय लेने वाले विद्यार्थियों को भरनी होगी। वहीं जेनेटिक्स एंड जेनोमिक्स, केमिस्ट्री और बॉटनी ग्रुप लेने वाले विद्यार्थियों की फीस में सबसे कम बढ़ोतरी की गई है। इस ग्रुप की फीस महज 13.77 फीसदी बढ़ी है।