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बढ़ सकती है लखनऊ यूनिवर्सिटी की फीस, ये है वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 06 Feb 2018 03:42 PM IST
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लखनऊ यूनिवर्सिटी
- फोटो : demo pic
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आर्थिक तंगी से जूूझ रहे लखनऊ विश्वविद्यालय में अगले शैक्षिक सत्र से फीस बढ़ना लगभग तय है। विवि में नए सत्र से सभी पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू होनी है। ऐसे में विवि को साल में दो बार परीक्षा करानी होगी। ये वजहें गिनवाते हुए विवि ने इस साल फीस बढ़ाने की बात कही है।
फीस कितने फीसदी बढ़ेगी, अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। कुलपति की अध्यक्षता में नौ फरवरी को सभी संकाय व विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। इसमें सेमेस्टर सिस्टम लागू करने के साथ ही फीस बढ़ोत्तरी पर भी फैसला होगा।
प्रस्ताव वित्त समिति को भेजा जाएगा।
उसकी मुहर लगने के बाद नई फीस लागू की जाएगी। लविवि मेें शैक्षिक सत्र 2018-19 से पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम लागू हो जाएगा। फिलहाल परास्नातक के पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू है। स्नातक स्तर पर केवल बीए, बीएससी और बीकॉम में वार्षिक प्रणाली पर परीक्षाएं होती हैं।
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स्नातक के अन्य पाठ्यक्रमोें में पहले से सेमेस्टर सिस्टम लागू है। एक साथ सेमेस्टर और वार्षिक प्रणाली लागूू होने की वजह से साल में तीन बार परीक्षाओं का दौर चलता है। इसमें चार महीने से ज्यादा का समय लग जाता है। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि विवि में सबसे ज्यादा स्टूडेंट बीए, बीएससी और बीकॉम पाठ्यक्रमों में ही हैं।
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फीस कितने फीसदी बढ़ेगी, अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। कुलपति की अध्यक्षता में नौ फरवरी को सभी संकाय व विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। इसमें सेमेस्टर सिस्टम लागू करने के साथ ही फीस बढ़ोत्तरी पर भी फैसला होगा।
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प्रस्ताव वित्त समिति को भेजा जाएगा।
उसकी मुहर लगने के बाद नई फीस लागू की जाएगी। लविवि मेें शैक्षिक सत्र 2018-19 से पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम लागू हो जाएगा। फिलहाल परास्नातक के पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू है। स्नातक स्तर पर केवल बीए, बीएससी और बीकॉम में वार्षिक प्रणाली पर परीक्षाएं होती हैं।
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स्नातक के अन्य पाठ्यक्रमोें में पहले से सेमेस्टर सिस्टम लागू है। एक साथ सेमेस्टर और वार्षिक प्रणाली लागूू होने की वजह से साल में तीन बार परीक्षाओं का दौर चलता है। इसमें चार महीने से ज्यादा का समय लग जाता है। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि विवि में सबसे ज्यादा स्टूडेंट बीए, बीएससी और बीकॉम पाठ्यक्रमों में ही हैं।
विवि में पिछले कई साल से नहीं बढ़ी फीस
दूसरी तरफ बीए ऑनर्स, बीकॉम ऑनर्स, बीबीए, बीसीए, एमसीए, एमएसडब्ल्यू, एलएलबी आदि पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर सिस्टम लागू है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग पिछले काफी समय से सभी पाठ्यक्रम पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम पर संचालित करने को कह रहा है। एलयू के इस कदम से यह निर्देश भी पूरा हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ विवि में पिछले कई साल से फीस नहीं बढ़ी है। फीस बढ़ने के बाद विवि अपने शिक्षकों को आसानी से भुगतान कर सकेगा।
'विवि में वार्षिक और सेमेस्टर प्रणाली दोनों लागू होने से परीक्षा में समय की काफी बर्बादी होती है। इसलिए पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जा रहा है। लविवि में हर साल शिक्षकों का वेतन बढ़ाया जाता है। शासन से पूरा अनुदान नहीं मिलता, इसलिए फीस के नए सिरे से निर्धारण पर भी नौ फरवरी को होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।' - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि
'विवि में वार्षिक और सेमेस्टर प्रणाली दोनों लागू होने से परीक्षा में समय की काफी बर्बादी होती है। इसलिए पूरी तरह से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जा रहा है। लविवि में हर साल शिक्षकों का वेतन बढ़ाया जाता है। शासन से पूरा अनुदान नहीं मिलता, इसलिए फीस के नए सिरे से निर्धारण पर भी नौ फरवरी को होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी।' - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि