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लखनऊ यूनिवर्सिटी में विशेषज्ञ देंगे प्रश्नपत्र तैयार करने का प्रशिक्षण
Sat, 15 Dec 2018 03:46 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 15 Dec 2018 03:46 PM IST
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ विश्वविद्यालय अगले सेमेस्टर (मई) में बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा का आयोजन करेगा। विश्वविद्यालय ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा कराने से पहले विवि अपने डीन, हेड व शिक्षकों को इसके अनुसार पेपर तैयार करने की बारीकी बताएगा।
इसके लिए यूजीसी, लोक सेवा आयोग व अन्य आयोगों, विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ भी बुलाए जाएंगे।विवि प्रशासन ने स्नातक में इसी सत्र 2018-19 में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया है। अब विवि अगले सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी में लग गया है।
विश्वविद्यालय ने पूर्व में ही बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा कराने की कवायद शुरू की थी लेकिन शिक्षकों के विरोध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। निर्णय हुआ कि इसे इवेन सेमेस्टर में प्रभावी बनाया जाएगा। विवि की कवायद के अनुसार, बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा के लिए पहले क्वेश्चन बैंक होना जरूरी है।
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क्वेश्चन बैंक कैसे तैयार हो, प्रश्न कैसे तैयार हों, उनके उत्तर कैसे होंगे, इन सारी चीजों के बारे में शिक्षकों को ट्रेंड किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय यूजीसी, लोक सेवा आयोग समेत अन्य आयोग के विशेषज्ञों को बुलाएगा जो बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा के लिए पेपर तैयार करते हैं।
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इसके लिए यूजीसी, लोक सेवा आयोग व अन्य आयोगों, विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ भी बुलाए जाएंगे।विवि प्रशासन ने स्नातक में इसी सत्र 2018-19 में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया है। अब विवि अगले सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी में लग गया है।
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विश्वविद्यालय ने पूर्व में ही बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा कराने की कवायद शुरू की थी लेकिन शिक्षकों के विरोध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। निर्णय हुआ कि इसे इवेन सेमेस्टर में प्रभावी बनाया जाएगा। विवि की कवायद के अनुसार, बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा के लिए पहले क्वेश्चन बैंक होना जरूरी है।
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क्वेश्चन बैंक कैसे तैयार हो, प्रश्न कैसे तैयार हों, उनके उत्तर कैसे होंगे, इन सारी चीजों के बारे में शिक्षकों को ट्रेंड किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय यूजीसी, लोक सेवा आयोग समेत अन्य आयोग के विशेषज्ञों को बुलाएगा जो बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा के लिए पेपर तैयार करते हैं।
पहले वे डीन-हेड की संयुक्त कार्यशाला का आयोजन करेंगे जिसमें विशेषज्ञ उन्हें इसके बारे में बताएंगे। इसके बाद हेड अपने विभाग व कॉलेजों के संबंधित विभाग के शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। इसका उद्देश्य है कि नई कवायद को प्रभावी करने में किसी स्तर पर दिक्कत न हो।
खास ये कि परीक्षा से पहले विश्वविद्यालय चैप्टर वाइज प्रश्न बैंक तैयार करेगा। फिर जब शिक्षक पेपर बनाएंगे तो उन्हें प्रश्न के साथ उत्तर कहां से है और उसका क्या आधार है? इसके बारे में भी विवि को बताना होगा। ताकि इसे लेकर किसी तरह की समस्या न खड़ी हो।
व्यवस्था लागू करने से पहले देंगे ट्रेनिंग
हम यूजीसी-आयोगों के विशेषज्ञों को बुलाकर अपने शिक्षकों को बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित पेपर बनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। हम इस व्यवस्था को शुरू करने से पहले उन्हें हर तरह से ट्रेंड करना चाहते हैं। यह अपने तरह का अनूठा और काफी अनुभव देने वाला प्रयास है। - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि
खास ये कि परीक्षा से पहले विश्वविद्यालय चैप्टर वाइज प्रश्न बैंक तैयार करेगा। फिर जब शिक्षक पेपर बनाएंगे तो उन्हें प्रश्न के साथ उत्तर कहां से है और उसका क्या आधार है? इसके बारे में भी विवि को बताना होगा। ताकि इसे लेकर किसी तरह की समस्या न खड़ी हो।
व्यवस्था लागू करने से पहले देंगे ट्रेनिंग
हम यूजीसी-आयोगों के विशेषज्ञों को बुलाकर अपने शिक्षकों को बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित पेपर बनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। हम इस व्यवस्था को शुरू करने से पहले उन्हें हर तरह से ट्रेंड करना चाहते हैं। यह अपने तरह का अनूठा और काफी अनुभव देने वाला प्रयास है। - प्रो. एसपी सिंह, कुलपति, लविवि