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LU: विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं की डेट जारी, यहां देखें पूरी डिटेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 08 Sep 2018 02:05 PM IST
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ विश्वविद्यालय व संबद्ध 168 कॉलेजों की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा की तैयारियों के संबंध में शुक्रवार को कुलपति प्रो. एसपी सिंह की अध्यक्षता में डीन, डीन सीडीसी, विभागाध्यक्षों व परीक्षा नियंत्रक की बैठक में यह निर्णय हुआ।
विवि प्रशासन पहली बार बीए, बीएससी, बीकॉम में सेमेस्टर सिस्टम शुरू कर रहा है। वहीं मई-जून में होने वाले सम सेमेस्टर की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होंगी।
नवंबर-दिसंबर में होने वाली सभी यूजी-पीजी परीक्षाओं के संबंध में विभागाध्यक्षों से दो आंतरिक परीक्षकों व दो वाह्य परीक्षकों के नाम पेपर सेटिंग के लिए भेजने को कहा गया है।
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बीए, बीएससी, बीकॉम दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा के संबंध में विभागाध्यक्षों को अभी से परीक्षकों के पैनल बनाने को कहा गया। इसके लिए आठ आंतरिक परीक्षकों के नाम हर पेपर की सेटिंग के लिए भेजने का निर्देश दिया गया।
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विवि प्रशासन पहली बार बीए, बीएससी, बीकॉम में सेमेस्टर सिस्टम शुरू कर रहा है। वहीं मई-जून में होने वाले सम सेमेस्टर की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होंगी।
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नवंबर-दिसंबर में होने वाली सभी यूजी-पीजी परीक्षाओं के संबंध में विभागाध्यक्षों से दो आंतरिक परीक्षकों व दो वाह्य परीक्षकों के नाम पेपर सेटिंग के लिए भेजने को कहा गया है।
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बीए, बीएससी, बीकॉम दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा के संबंध में विभागाध्यक्षों को अभी से परीक्षकों के पैनल बनाने को कहा गया। इसके लिए आठ आंतरिक परीक्षकों के नाम हर पेपर की सेटिंग के लिए भेजने का निर्देश दिया गया।
सभी कोर्सों में सेमेस्टर सिस्टम लागू
डेमो
- फोटो : amar ujala
कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि इसमें दो जूनियर शिक्षकों को भी विवि व कॉलेजों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल करेंगे। इसके साथ ही बीए, बीएससी, बीकॉम दूसरे व तीसरे वर्ष की मार्च में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं की भी तैयारियां समय से पूर्ण करने का निर्देश सभी को दिए हैं।
इसमें भी प्रत्येक पेपर के लिए दो आंतरिक व दो वाह्न शिक्षकों का पैनल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब विवि व कॉलेजों से आंतरिक व वाह्य परीक्षकों की सूची आ जाएगी तो विवि प्रशासन उनकी कार्यशालाएं आयोजित करेगा।
इसमें बताया जाएगा कि वे कैसे क्वेशचन बैंक तैयार करेंगे और कैसे सेमेस्टर परीक्षाएं कराएंगे। उन्होंने कहा कि लविवि प्रदेश में पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा, जिसने अपने सभी कोर्सों में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है।
पांच सितंबर को हुए शिक्षक दिवस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने भी इसके लिए विवि प्रशासन को बधाई दी है। आगे शासन इसे पूरे प्रदेश में मॉडल व्यवस्था के रूप में भी प्रभावी कर सकता है।
इसमें भी प्रत्येक पेपर के लिए दो आंतरिक व दो वाह्न शिक्षकों का पैनल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब विवि व कॉलेजों से आंतरिक व वाह्य परीक्षकों की सूची आ जाएगी तो विवि प्रशासन उनकी कार्यशालाएं आयोजित करेगा।
इसमें बताया जाएगा कि वे कैसे क्वेशचन बैंक तैयार करेंगे और कैसे सेमेस्टर परीक्षाएं कराएंगे। उन्होंने कहा कि लविवि प्रदेश में पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा, जिसने अपने सभी कोर्सों में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है।
पांच सितंबर को हुए शिक्षक दिवस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने भी इसके लिए विवि प्रशासन को बधाई दी है। आगे शासन इसे पूरे प्रदेश में मॉडल व्यवस्था के रूप में भी प्रभावी कर सकता है।
निबंधात्मक नहीं, होंगे छोटे प्रश्न
डेमो
कुलपति ने बताया कि सेमेस्टर एग्जाम में हुए बदलाव के अनुसार 80 नंबर का थ्योरी पेपर होगा और 20 नंबर का इंटरनल। पेपर में पांच प्रश्न होंगे। सभी 20-20 नंबर के होंगे। पहला प्रश्न अनिवार्य होगा।
वहीं अन्य चार प्रश्न चार छोटे-छोटे भाग में होंगे। कोई भी प्रश्न निबंधात्मक नहीं होगा। प्रश्न छोटे-छोटे होंगे इससे विद्यार्थियों को फायदा होगा। उन्हें बेहतर नंबर मिल सकेंगे। वहीं उनकी कोर्स के बारे में बारीक जानकारी भी बढ़ेगी।
सरल से कठिन होंगे प्रश्न
प्रो. सिंह ने बताया कि बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा में भी पेपर चार भागों में होगा, जो सरल से कठिन की तरफ जाएगा। इसके लिए पेपर कैसे तैयार करना है, इसके लिए परीक्षा नियंत्रक द्वारा विशेष कार्यशालाएं परीक्षकों व फैकल्टी सदस्यों के लिए आयोजित की जाएंगी।
शिक्षकों का विरोध दरकिनार
सम सेमेस्टर में बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा कराने का विवि के कई विभागों के शिक्षक अंदरखाने में विरोध कर रहे थे। किंतु खुलकर इसके बारे में नहीं कह पाते थे। कई बार बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इस पर संशोधन की बात कही गई, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी।
इन शिक्षकों का तर्क है कि बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा होने से जहां प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रभावित होंगी, वहीं विद्यार्थी का भी नुकसान होगा। विवि प्रशासन का कहना था कि शिक्षक क्वेशचन बैंक बनाने से बचने के लिए ऐसा कह रहे हैं।
वहीं अन्य चार प्रश्न चार छोटे-छोटे भाग में होंगे। कोई भी प्रश्न निबंधात्मक नहीं होगा। प्रश्न छोटे-छोटे होंगे इससे विद्यार्थियों को फायदा होगा। उन्हें बेहतर नंबर मिल सकेंगे। वहीं उनकी कोर्स के बारे में बारीक जानकारी भी बढ़ेगी।
सरल से कठिन होंगे प्रश्न
प्रो. सिंह ने बताया कि बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा में भी पेपर चार भागों में होगा, जो सरल से कठिन की तरफ जाएगा। इसके लिए पेपर कैसे तैयार करना है, इसके लिए परीक्षा नियंत्रक द्वारा विशेष कार्यशालाएं परीक्षकों व फैकल्टी सदस्यों के लिए आयोजित की जाएंगी।
शिक्षकों का विरोध दरकिनार
सम सेमेस्टर में बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा कराने का विवि के कई विभागों के शिक्षक अंदरखाने में विरोध कर रहे थे। किंतु खुलकर इसके बारे में नहीं कह पाते थे। कई बार बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इस पर संशोधन की बात कही गई, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी।
इन शिक्षकों का तर्क है कि बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा होने से जहां प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रभावित होंगी, वहीं विद्यार्थी का भी नुकसान होगा। विवि प्रशासन का कहना था कि शिक्षक क्वेशचन बैंक बनाने से बचने के लिए ऐसा कह रहे हैं।