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क्लैटः मैरिट में आई 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 31 May 2017 02:32 PM IST
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कॉमन एडमिशन लॉ टेस्ट (क्लैट) पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार कठिन होने के कारण मेरिट काफी नीचे आ गिरी। इसमें क्वालीफाई करने वाले छात्रों की संख्या भी काफी कम हुई है।
पांच जून को जब नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कट-ऑफ जारी होगी तब स्थिति और साफ होगी कि किस अभ्यर्थी को कौन की यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए कॉल आई है। एक अनुमान के मुताबिक मेरिट और क्वालीफाई करने वाले छात्रों की संख्या में करीब 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
क्लैट का आयोजन पटना स्थित चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने 14 मई को किया था। देशभर में इसके लिए 138 केंद्र बनाए गए थे। क्लैट के लिए 50,676 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 47,108 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन टेस्ट दिया था।
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पांच जून को जब नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कट-ऑफ जारी होगी तब स्थिति और साफ होगी कि किस अभ्यर्थी को कौन की यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए कॉल आई है। एक अनुमान के मुताबिक मेरिट और क्वालीफाई करने वाले छात्रों की संख्या में करीब 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
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क्लैट का आयोजन पटना स्थित चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने 14 मई को किया था। देशभर में इसके लिए 138 केंद्र बनाए गए थे। क्लैट के लिए 50,676 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 47,108 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन टेस्ट दिया था।
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लीगल एप्टीट्यूड का पेपर सबसे लंबा
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इस बार क्लैट में लीगल एप्टीट्यूड, मैथ्स और अंग्रेजी पोर्शन के प्रश्नों को काफी घुमा कर सेट किया गया था। लीगल एप्टीट्यूड का पेपर सबसे लंबा था। सबसे ज्यादा समय इसी पोर्शन में जाया हुआ।
क्लैट के विशेषज्ञ संजय सिंह ने बताया कि टेस्ट देखकर ही इस बार के रिजल्ट में मेरिट गिरने का अंदाजा लग गया था। मेरिट में करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट देखी गई है।
पिछले वर्ष 140 रैंक तक में करीब 1000 अभ्यर्थी थे। इस बार 130 रैंक तक में बमुश्किल 140 अभ्यर्थी भी नहीं है। टेस्ट को क्वालीफाई करने वालों की संख्या काफी कम हुई है।
क्लैट के विशेषज्ञ संजय सिंह ने बताया कि टेस्ट देखकर ही इस बार के रिजल्ट में मेरिट गिरने का अंदाजा लग गया था। मेरिट में करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट देखी गई है।
पिछले वर्ष 140 रैंक तक में करीब 1000 अभ्यर्थी थे। इस बार 130 रैंक तक में बमुश्किल 140 अभ्यर्थी भी नहीं है। टेस्ट को क्वालीफाई करने वालों की संख्या काफी कम हुई है।