{"_id":"5c0f6382bdec2241b054e912","slug":"bba-course-will-have-to-do-be-completed-in-five-years","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब पांच साल में पूरा करना होगा बीबीए, लखनऊ यूनिवर्सिटी ने जारी किया आदेश","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
अब पांच साल में पूरा करना होगा बीबीए, लखनऊ यूनिवर्सिटी ने जारी किया आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:43 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ विश्वविद्यालय में बीबीए पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए विद्यार्थी को अब अधिकतम पांच साल का ही समय मिलेगा। पांच साल से ज्यादा अवधि होने पर विद्यार्थी को परीक्षा देने का मौका नहीं दिया जाएगा। अभी तक बीबीए पाठ्यक्रम के लिए चार से छह साल का समय दिया जाता था।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्देश मिलने के बाद विवि के कुलसचिव एसके शुक्ला ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। साथ ही अन्य विषयों में भी सामान्य अवधि के बाद दो साल का ही अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
विज्ञापन
आदेश के अनुसार आईएमएस के सभी स्नातक पाठ्यक्रम- बीबीए, बीबीए-आईबी, बीबीए-एमएस पूरा करने के लिए अधिकतम समय पांच साल ही मिलेगा। लविवि समेत सभी विवि में विभिन्न पाठ्यक्रमों को पूरा करने के लिए अधिकतम अवधि निर्धारित होती है। इस अवधि में ही उन्हें डिग्री पूरी करनी होती है।
विज्ञापन
असल में कई बार विद्यार्थी किसी पाठ्यक्रम में फेल होने के बाद भी परीक्षा देने की अनुमति मांगते रहते हैं। संस्थान भी छात्रहित को देखते हुए उन्हें परीक्षा देने का एक मौका और दे देते हैं। लविवि में अभी तक बीबीए के अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए चार से छह साल तक का अधिकतम समय दिया जाता है। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। बीबीए के सभी पाठ्यक्रमों के लिए अब एक समान पांच साल की अधिकतम अवधि निर्धारित की गई है।
सामान्य अवधि के बाद मिलेगा दो साल का समय
लविवि ने जिस नियम के तहत बीबीए के लिए अधिकतम समय निर्धारित किया है, उसके अनुसार किसी भी पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित सामान्य समय से दो साल का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। उदाहरण के रूप में लविवि में अगर बीए और बीकॉम पाठ्यक्रम की सामान्य अवधि तीन साल की है तो इनकी पढ़ाई पूरी करने के लिए किसी विद्यार्थी को तीन साल के बाद दो साल का अतिरिक्त समय मिलेगा।
इसी तरह से बीए या बीकॉम की पढ़ाई विद्यार्थी को पांच साल में पूरी करनी होगी। परास्नातक पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए सामान्य अवधि दो साल की है। यूजीसी के निर्देश के अनुसार परास्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए अब उन्हें दो साल का अतिरिक्त समय यानी अधिकतम कुल चार साल का समय ही मिलेगा। इसी तरह एक साल के डिप्लोमा पाठ्यक्रम दो साल की अतिरिक्त अवधि के बाद तीन साल में पूरे किए जा सकते हैं।
संशय दूर करने के लिए आदेश
यूजीसी के निर्देश के अनुसार ही सभी पाठ्यक्रमों की अधिकतम अवधि निर्धारित की जाती है। इसमें कोई संशय की स्थिति न हो इसलिए इस संबंध में निश्चित आदेश जारी कर दिया गया है। - प्रो. एसपी सिंह,
कुलपति, लविवि
इसी तरह से बीए या बीकॉम की पढ़ाई विद्यार्थी को पांच साल में पूरी करनी होगी। परास्नातक पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए सामान्य अवधि दो साल की है। यूजीसी के निर्देश के अनुसार परास्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए अब उन्हें दो साल का अतिरिक्त समय यानी अधिकतम कुल चार साल का समय ही मिलेगा। इसी तरह एक साल के डिप्लोमा पाठ्यक्रम दो साल की अतिरिक्त अवधि के बाद तीन साल में पूरे किए जा सकते हैं।
संशय दूर करने के लिए आदेश
यूजीसी के निर्देश के अनुसार ही सभी पाठ्यक्रमों की अधिकतम अवधि निर्धारित की जाती है। इसमें कोई संशय की स्थिति न हो इसलिए इस संबंध में निश्चित आदेश जारी कर दिया गया है। - प्रो. एसपी सिंह,
कुलपति, लविवि